शास्त्रीय नृत्यांगना डॉ. पद्मा ने 'सेंगोल' को गुमनामी से निकाला, 2 साल पहले PMO को लिखी चिट्ठी

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 26, 2023, 11:51 AM IST

Dr Padma Subrahmanyam and Sengol: सेंगोल पर तमिल लेख को अनुवादित करते हुए नृत्यांगना ने अपने पत्र में इसका जिक्र किया। पद्मा को जरा भी इसका आभास नहीं था कि उनकी यह चिट्ठी एक दिन सेंगोल को चर्चा के केंद्र में ला देगी। दो साल बाद स्वर्ण से बने इस सेंगोल को इलाहाबाद संग्रहालय के नेहरू गैलरी से निकालकर दिल्ली लाया गया है। अब इस सेंगोल को नए संसद भवन में स्थापित किया जाएगा।

Dr Padma Subrahmanyam and Sengol: गत बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ''सेंगोल'' का जिक्र किया। गृह मंत्री ने बताया कि 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करने के बाद लोकसभा के स्पीकर के आसन के समीप ''सेंगोल'' को स्थापित करेंगे। अमित शाह की इस घोषणा के बाद ''सेंगोल'' (राजदंड) चर्चा का केंद्र में आ गया। फिर ''सेंगोल'' है क्या, यह किससे संबंधित है। इसका महत्व क्या है और यह कब बना...ऐसे तमाम सवाल होने शुरू हो गए।

sengol New parliament building

28 मई को नए संसद में स्थापित किया जाएगा 'सेंगोल'।

पीएमओ तक ऐसे पहुंची ''सेंगोल'' के बारे में जानकारी

प्रधानमंत्री कार्यालय एवं पीएम तक 'सेंगोल' के बारे में पता कैसे लगा, इसकी भी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रख्यात शास्त्रीय नृ्त्यांगना पद्मा सुब्रमण्यम ने साल 2021 में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को एक पत्र लिखा था। 'सेंगोल' पर तमिल लेख को अनुवादित करते हुए नृत्यांगना ने अपने पत्र में इसका जिक्र किया। पद्मा को जरा भी इसका आभास नहीं था कि उनकी यह चिट्ठी एक दिन 'सेंगोल' को चर्चा के केंद्र में ला देगी। दो साल बाद स्वर्ण से बने इस 'सेंगोल' को इलाहाबाद संग्रहालय के नेहरू गैलरी से निकालकर दिल्ली लाया गया है। अब इस 'सेंगोल' को नए संसद भवन में स्थापित किया जाएगा।

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