Autonomous Underwater Vehicle: भारत की समुद्री सीमा और अभेद्द होने वाली है। भारत जल्द ही एक ऐसा ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल लॉन्च करने वाला है, जो समुद्र में भारत को बेताज बादशाह बना देगा। यह एक ऐसी छोटी पनडुब्बी है, जिसने चीन और पाकिस्तान की हालत खराब कर दी है।
जल्द लॉन्च होगा ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (फोटो- IADN)
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किसने बनाया ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल
इस ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल को भारत सरकार के गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने बनाया है, जो कोलकाता स्थित है। यह पानी के अंदर ऑटोमेटिक रूप से चलने वाला एक पनडुब्बी है, जो दुश्मन की हर चाल पर नजर रख सकता है।
समुद्र की निगरानी
ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल को गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स बंगाल की खाड़ी में लॉन्च करेगा। अत्याधिक तकनीक से लैस यह अंडरवाटर व्हीकल पूरी तरह से स्वदेशी है। इस व्हीकल को लेकर दावा किया गया है कि अगर समुद्र में दुश्मन कोई साजिश रचता है, तो उसका पता ये तुरंत लगा लेगा और नौसेना को अलर्ट कर देगा, जिससे दुश्मन ही हर चाल नाकाम हो जाएगी।
क्या है ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल
एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) एक रोबोट की तरह होता है, जो ऑपरेटर से निरंतर इनपुट की आवश्यकता के बिना पानी के नीचे जासूसी करते रहता है। एयूवी समुद्र के भीतर प्रणालियों के एक बड़े समूह का हिस्सा हैं जिन्हें मानव रहित पानी के नीचे के वाहनों के रूप में जाना जाता है। आज की तारीख में नौसेना के लिए के लिए ये काफी महत्वपूर्ण है। इससे रीयल टाइम सर्विलांस करने में आसानी होती है। यह कैमरा, सेंसर्स और अत्याधुनिक रडार से लैस होता है, जो काफी दूर से दुश्मन की हरकतों का पता लगा लेता है।
