Rahul Gandhi on indian Judiciary: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में लंदन में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में लेक्चर दिया था। उनके मुताबिक भारत में लोकतंत्र और न्यायालय खतरे में हैं। उनके फोन में पेगासस था। उनकी नजर में चीन शांति का पक्षधर है और मौजूदा सरकार भारत के सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न कर रही है। लंदन में उनके इस तरह की बोल पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। भुवनेश्वर में केंद्र सरकार के पक्ष को रखने वाले वकीलों को संबोधित करते हुए कानून मंत्री किरेन रिजिजू(law minister kiren rijiju) ने कहा कि टुकड़े टुकड़े गैंग को समझना चाहिए कि पीएम नरेंद्र मोदी(pm narendra modi) के नेतृत्व में भारत तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है।
किरेन रिजिजू, कानून मंत्री
न्यायपालिका को विपक्ष नहीं बना सकते
किरेन रिजिजू ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका स्वतंत्र है और न्यायपालिका को कभी भी विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। कोई भी शख्स भारतीय लोकतंत्र पर सवाल नहीं उठा सकता क्योंकि प्रजातंत्र हमारे रगों में बहता है। इस तरह के गैंग्स को विदेशी मदद के जरिए औपचारिक तौर पर देश पर हमला कर रहे हैं। सुनियोजित तरीके से वो भारत के लोकतंत्र और उसकी विश्वसनीयता पर हमला करेंगे। भारत की सरकार, न्यायपालिका और जितने भी महत्वपूर्ण संगठन जैसे कि रक्षा, चुनाव आयोग, जांच एजेंसी हर एक को निशाना बनाया जाएगा।
The Members of Tukde-Tukde Gang should better understand that India has embarked upon journey of great rejuvenation… t.co/nnXPC8NVpw
— ANI (@ANI) Mar 5, 2023
भारत को बदनाम करने की सोची समझी रणनीति
रिजिजू ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है, विशेष रूप से न्यायाधीशों के ज्ञान को सार्वजनिक जांच में नहीं डाला जा सकता है।कभी-कभी, देश के अंदर और बाहर दोनों तरफ से दुनिया को यह बताने के लिए सुविचारित प्रयास किए जा रहे हैं कि भारतीय न्यायपालिका संकट में है। दुनिया को एक संदेश दिया जा रहा है कि भारतीय लोकतंत्र संकट में है। यह कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर किया गया प्रयास है। देश की छवि खराब करने के लिए समूह काम कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को नई दिल्ली में कहा था कि आप ब्राइट बच्चे नहीं हैं इसका मतलब यह नहीं है कि भारत उज्ज्वल स्थान पर नहीं है। भारत उज्ज्वल है और भारत अच्छा कर रहा है।
