Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा छाया हुआ है। इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस, भाकपा, समाजवादी पार्टी को राम विरोधी करार दिया और कहा कि विपक्षी दलों ने राम मंदिर निर्माण कार्य का विरोध किया।
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू (फाइल फोटो)
किरेन रिजिजू ने लोकसभा में राम मंदिर चंदा चोरी मामले के संबंध में विपक्षी दलों को विरोधी की कड़ी आलोचना की और इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने मंदिर निमार्ण कार्य में असहमति दिखाते हुए काली पट्टी पहनी थी। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस, भाकपा और सपा राम विरोधी है। उन्होंने हमेशा भगवान राम के खिलाफ रुख अपनाया। उन्होंने हमेशा भगवान राम के अस्तित्व का विरोध किया।''
रिजिजू ने कहा कि जब राम मंदिर बन रहा था, तो उन्होंने इसका विरोध करने के लिए काली पट्टी पहनी थी, लेकिन उन्होंने संसद परिसर के भीतर जो ड्रामा किया, उससे हम बहुत दुखी हैं।
देश से माफी मांगें विपक्षी दल
रिजिजू ने विपक्षी दलों से सार्वजनिक तौर पर देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि कांग्रेस, सपा और भाकपा देश से माफी मांगें और भगवान राम के अपमान के लिए भी माफी मांगें। रिजिजू का यह बयान ऐसे समय पर आया जब विपक्ष लोकसभा की कार्यवाही के दौरान लगातार विरोध कर रहा था, जिसकी वजह से लगातार सदन की कार्यवाही स्थगित हो रही थी।
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50 मिनट लंबी चली बैठक
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आज संसद परिसर में सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच परिसीमन बिल पर चर्चा के लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ एक बैठक हुआ। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, रिजिजू ने परिसीमन बिल पर विपक्षी दलों का रुख जानने की कोशिश की। संसद में चल रहे गतिरोध पर चर्चा करने के लिए राहुल गांधी के कमरे में हुई बैठक लगभग 50 मिनट तक चली।
