Ketan Murder Case: केतन अग्रवाल की मौत का सदमा उसके दादा बर्दाश्त नहीं कर सके और उनका निधन हो गया। केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का पुणे के एक हॉस्पिटल में निधन हो गया। परिवार के मुताबिक वह पोते के जाने का गम बर्दाश्त नही कर पाए। केतन की मौत के बाद से ही सदमे से वो लगातार बीमार चल रहे थे। शनिवार रात 9.45 को डॉक्टरों उन्हें मृत घोषित किया।
केतन के दादा की हुई मौत
पोते केतन की मौत के बाद से ही तबीयत खराब थी
परिवार ने पुष्टि की है कि 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से गिरने के बाद जान गंवाने वाले केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का शनिवार रात 9:45 बजे निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे और परिवार के अनुसार, पोते की मृत्यु के बाद से ही उनकी तबीयत खराब थी। उनका निधन हृदय गति रुकने से हुआ। केतन अग्रवाल को 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले से धक्का दिया गया था, जिसके बाद उसकी हत्या का मामला दर्ज किया गया था। लोनावला ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल, केतन से शादी करने को तैयार नहीं थी और कथित तौर पर परिवार के दबाव में मंगनी की थी।
गुरुवार को पुणे ग्रामीण पुलिस आरोपी सिया गोयल को पुणे शहर के लुल्लानगर इलाके के एक खुले मैदान में ले गई, जहां उसने और सह-आरोपी चेतन चौधरी ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से धक्का देने की योजना का पूर्वाभ्यास किया था। पुलिस ने सिया गोयल के घर से घटना वाले दिन पहने हुए उसके कपड़े भी बरामद किए हैं। इस बीच, आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने बताया कि आज जब पुलिस उनके घर आई तो उन्होंने उनसे कुछ नहीं पूछा। उन्होंने आगे बताया कि अधिकारी 30-45 मिनट तक घर पर रहे।
उन्होंने कहा, पुलिस आज घर आई थी, लेकिन मेरी किसी से मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने अपना काम किया और करीब 30-45 मिनट तक यहीं रहे। डॉक्टर ने मुझे आराम करने की सलाह दी है। मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मैं इस मामले के बारे में बात नहीं करना चाहता। मुझमें इसके लिए हिम्मत नहीं है। पुलिस ने मुझसे कुछ नहीं पूछा।
कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए जेएमएफसी (JMFC) ए एम विभूते की अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों चेतन चौधरी और सिया गोयल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। इस अवधि के दौरान दोनों आरोपियों को पुणे (Pune Murder Case) की फेमस येरवड़ा जेल में सलाखों के पीछे रहना होगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अभियोजन पक्ष (प्रॉसिक्यूशन) की ओर से वकील राजश्री विरकुड और सरकारी वकील विपुल दुशिंग ने आरोपियों की पुलिस कस्टडी बढ़ाने के लिए पांच मुख्य आधार पेश किए। उन्होंने अदालत को बताया कि जांच अधिकारियों ने आरोपी सिया गोयल के घर से एक साल पुराना मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुणे की एक अदालत ने रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया और उसके प्रेमी चेतन की पुलिस हिरासत बढ़ा दी है। हिरासत समाप्त होने के बाद दोनों को 29 जून को वडगांव मावल अदालत में पेश किया गया था। पुलिस ने जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा लंबित होने का हवाला देते हुए पांच दिनों की अतिरिक्त हिरासत की मांग की। उन्होंने अदालत को बाली में प्री-वेडिंग शूट ट्रिप से पहले मुंबई हवाई अड्डे से केतन के लापता पासपोर्ट के रहस्य के बारे में भी बताया।
कैसे चेतन और सिया ने रची थी साजिश?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, घटना से पहले एक तय संकेत भी बनाया गया था। दावा है कि सिया को कहा गया था कि वह पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठ जाएं। इसे कथित तौर पर चेतन के लिए संकेत माना गया था कि हमला करने का समय आ गया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इससे एक तरफ चेतन को इशारा मिल जाता और दूसरी तरफ सिया खुद सुरक्षित दूरी पर रहतीं।
कॉल रिकॉर्ड से हुए अहम खुलासे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से यह भी सामने आया है कि घटना से लगभग 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच बातचीत हुई थी। जांच एजेंसियां इसे कथित तौर पर अंतिम बातचीत मानकर जांच कर रही हैं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि मई के अंत तक कथित साजिश तैयार हो चुकी थी और 14 जून को भी कथित तौर पर एक कोशिश की गई थी। सूत्रों के अनुसार, उस समय केतन खुद को बचाने में सफल रहे थे और बाद में इसे दुर्घटना बताया गया था।
सिया और उसके भाई में हुई थी बहस
मामले में एक और पहलू उस ड्राइवर के बयान से जुड़ा है जिसे परिवार ने प्री-वेडिंग बाली ट्रिप के लिए बुक किया था। ड्राइवर वैभव जाधव ने जांचकर्ताओं को बताया कि सिया यात्रा के लिए तैयार नहीं दिख रही थीं और उनके भाई साहिल ने उन्हें गाड़ी में बैठाया था। ड्राइवर के मुताबिक, रास्ते में दोनों के बीच बहस भी हुई थी। बाद में केतन और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी साथ जुड़े, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर कथित तौर पर केतन को पता चला कि उनका पासपोर्ट नहीं है और यात्रा रद्द करनी पड़ी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत की कार्यवाही और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
