Ketan Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल ने कथित तौर पर शादी की तैयारियों और शॉपिंग के नाम पर केतन अग्रवाल से करीब 1 करोड़ रुपये लिए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि बाद में यह रकम कथित तौर पर उनके करीबी चेतन चौधरी को दी गई।
केतन मर्डर केस को लेकर सनसनीखेज खुलासे हुए।
जांचकर्ताओं के अनुसार, 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी ने कथित तौर पर काफी पहले से पूरी योजना बनाई थी और घटना के बाद संदेह से बचने के लिए आगे की रणनीति भी तैयार की थी। दोनों पर 18 जून को लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल को कथित तौर पर खाई में धक्का देकर हत्या करने की साजिश रचने का आरोप है।
शादी के नाम पर पैसे लेने का दावा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया ने कथित तौर पर केतन से शादी की खरीदारी और अन्य तैयारियों के लिए करीब 1 करोड़ रुपये मांगे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल शादी के लिए नहीं किया गया, बल्कि कथित तौर पर चेतन चौधरी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और करियर शुरू करने के लिए किया गया। सूत्रों के मुताबिक, चेतन आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से था और उसने कथित तौर पर सिया से कहा था कि आर्थिक रूप से स्थिर होने में उसे करीब तीन साल लग सकते हैं।
तीन साल तक शादी न करने की कथित योजना
जांच में यह भी दावा किया जा रहा है कि दोनों ने कथित तौर पर यह तय किया था कि घटना के बाद सिया कुछ समय तक शादी नहीं करेगी, ताकि किसी को रिश्ते पर शक न हो। जांचकर्ताओं का मानना है कि योजना यह थी कि जब मामला शांत हो जाए और चेतन आर्थिक रूप से स्थिर हो जाए, तब दोनों शादी करें। पुलिस का संदेह है कि इसका उद्देश्य कथित रिश्ते को अपराध से अलग दिखाना और बाद में परिवार की स्वीकार्यता हासिल करना था।
कैसे चेतन और सिया ने रची थी साजिश?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, घटना से पहले एक तय संकेत भी बनाया गया था। दावा है कि सिया को कहा गया था कि वह पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठ जाएं। इसे कथित तौर पर चेतन के लिए संकेत माना गया था कि हमला करने का समय आ गया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इससे एक तरफ चेतन को इशारा मिल जाता और दूसरी तरफ सिया खुद सुरक्षित दूरी पर रहतीं।
कॉल रिकॉर्ड से हुए अहम खुलासे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से यह भी सामने आया है कि घटना से लगभग 34 मिनट पहले सिया और चेतन के बीच बातचीत हुई थी। जांच एजेंसियां इसे कथित तौर पर अंतिम बातचीत मानकर जांच कर रही हैं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि मई के अंत तक कथित साजिश तैयार हो चुकी थी और 14 जून को भी कथित तौर पर एक कोशिश की गई थी। सूत्रों के अनुसार, उस समय केतन खुद को बचाने में सफल रहे थे और बाद में इसे दुर्घटना बताया गया था।
सिया और उसके भाई में हुई थी बहस
मामले में एक और पहलू उस ड्राइवर के बयान से जुड़ा है जिसे परिवार ने प्री-वेडिंग बाली ट्रिप के लिए बुक किया था। ड्राइवर वैभव जाधव ने जांचकर्ताओं को बताया कि सिया यात्रा के लिए तैयार नहीं दिख रही थीं और उनके भाई साहिल ने उन्हें गाड़ी में बैठाया था। ड्राइवर के मुताबिक, रास्ते में दोनों के बीच बहस भी हुई थी।बाद में केतन और उनके परिवार के अन्य सदस्य भी साथ जुड़े, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर कथित तौर पर केतन को पता चला कि उनका पासपोर्ट नहीं है और यात्रा रद्द करनी पड़ी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत की कार्यवाही और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
