केरलः बंदरगाह प्रोजेक्ट के विरोध को लेकर थाने पर हमला, 3000 के खिलाफ केस; जानें- क्या है पूरा विवाद?

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 28, 2022, 06:49 PM IST

विझिंजम पुलिस थाने के सूत्रों ने समाचार एजेंसी को बताया कि क्षेत्र में तनाव कम करने को लेकर पुजारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि बंदरगाह परियोजना को बंद कर दिया जाए, जबकि केरल हाईकोर्ट ने परियोजना पर काम फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है।

केरल में पुलिस स्टेशन पर भारी भीड़ की ओर से किए गए हमले के बाद सोमवार (28 नवंबर, 2022) को पुलिस ने तीन हजार से अधिक केस दर्ज किए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। दरअसल, सूबे की राजधानी के विझिंजम इलाके में एक रोज पहले रविवार को तनाव तब और बढ़ गया था, जब विझिंजम बंदरगाह प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने पुलिस वाहन पलट दिया था। साथ ही पथराव करते हुए दो पुलिस वालों को जख्मी कर दिया था। पोर्ट के पास हालात काबू करने की कोशिश में पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं और आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े।

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समाचार एजेंसी आईएएनएस को सूत्रों ने बताया कि इस दौरान कई घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले रविवार को विझिंजम पुलिस थाने का घेराव किया था और शनिवार को हुई झड़पों के बाद हिरासत में लिए गए पांच लोगों को रिहा करने की मांग की थी। इन प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व लैटिन कैथोलिकों के मछुआरे कर रहे हैं, जो विझिंजम के तटीय क्षेत्र में एक प्रमुख समुदाय है। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को लैटिन कैथोलिक चर्च का समर्थन मिला हुआ है।

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