Railway Fair: कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने गुरुवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बुजुर्गों को रेल किराये में रियायत बहाल करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की रियायत की समीक्षा की जाए और कम से कम स्लीपर कोच और थर्ड एसी में इसे बहाल किया जाए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों की मदद की जा सके।
सीनियर सिटीजन
कार्ति चिदंबरम ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया। अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में चिदंबरम ने कई मुद्दों का उल्लेख किया और कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आवश्यकता है कि भारतीय रेल की सेवा यात्रियों के अनुकूल रहे और नागरिकों को एक सहज एवं सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करे।
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कार्ति चिदंबरम ने जताई चिंता
बकौल पत्र, मार्च, 2020 में कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के कारण वरिष्ठ नागरिकों को किराये में मिलने वाली रियायत का निलंबन एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि, महामारी से संबंधित प्रतिबंध 2021 में समाप्त हो गए, लेकिन यह रियायत 2024 तक बहाल नहीं की गई है।
पहले कितनी मिलती थी रियायत
बता दें कि पहले 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों और 58 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को क्रमशः 40 प्रतिशत और 50 प्रतिशत की रियायत मिलती थी।
कार्ति चिदंबरम ने पत्र में लिखा कि अगस्त, 2022 में रेलवे से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने सिफारिश की थी कि यात्रियों की विभिन्न श्रेणियों को दी गई रियायतों पर विवेकपूर्ण ढंग से विचार किया जाना चाहिए।
कार्ति चिदंबरम ने वैष्णव को लिखे अपने पत्र में कहा कि समिति ने आग्रह किया था कि वरिष्ठ नागरिकों की रियायत की समीक्षा की जाए और कम से कम स्लीपर कोच और थर्ड एसी में इसे बहाल किया जाए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों की मदद की जा सके।
