Bengaluru News: कर्नाटक में बिजली विभाग की लापरवाही से दिल दहला देने वाला हादसा हआ है। यहां बेंगलुरू में मां-बेटी पर एक बिजली का तार गिर जाने के कारण दोनों की तड़पकर मौत हो गई। यह घटना कडुगोडी के व्हाइटफील्ड इलाके में हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीपी व्हाइटफील्ड ने बताया कि घटना के सिलसिले में BESCOM अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
मां-बेटी की मौत
जानकारी के मुताबिक, यहां सुबह 5 बजे 23 वर्षीय सौंदर्या अपनी 9 महीने की बेटी सुविस्का को गोद में उठाकर फुटपाठ से गुजर रही थी, तभी वह बिजली के तार की चपेट में आ गई। जानकारी के मुताबिक, करेंट लगने से मां-बेटी झुलसकर वहीं पर गिर पड़ीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अंधेरे के कारण नहीं दिखा तार
वहीं, राहगीरों का कहना है कि पांच बजे सुबह काफी अंधेरा था। जिस कारण महिला को तार नहीं दिखा और वह उसकी चपेट में आ गई। राहगीरों ने बताया कि घटना की तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। उधर, पुलिस ने बताया कि महिला तमिलनाडु से बेंगलुरू लौटी थी और सुबह-सुबह बस स्टैंड से अपने घर जा रही थी। गोद में उसकी 9 महीने की बच्ची भी थी। पुलिस ने कहा कि यह हादसा BESCOM की लापरवाही के कारण हुआ है। ऐसे में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लाइन मैन, एई और एईई निलंबित
घटना के बाद कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने पर लाइन मैन, एई और एईई को निलंबित कर दिया गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा न हों। राज्य सरकार इस घटना में अपने परिजनों को खोने वाले प्रत्येक परिवार के सदस्यों को 5 लाख रुपये देगी।
