सरकार जहां जागरूकता के लिए "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" (Beti Bachao, Beti Padhao) अभियान चलाती है। वहीं, देश में अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं, जो बिटिया को अभिशाप और समस्या समझते हैं। रविवार (छह नवंबर, 2022) को एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें चौथी लड़की पैदा होने के बाद पिता ने खुदकुशी कर ली। पुलिस को शक है कि मतृक ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि उसे बेटा नहीं हुआ।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
यह मामला कर्नाटक के कोलर जिले का है। बेंगलुरू से करीब 90 किमी दूर श्रीनिवासपुर तालुक स्थित सेट्टीहल्ली में 34 साल के लोकेश रहते थे। नौ साल पहले उनकी आंध्र प्रदेश के पुंगनूर में शादी हुई थी। अब उनके घर बच्ची जन्मी थी। यह उनकी चौथी बेटी थी।
हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार टीओआई ने सामाजिक कार्यकर्ता नगभूषण के हवाले से बताया कि लोकेश ने तीन साल पहले तीसरी बच्ची को जन्म दिया था। वह बेटा न होने को लेकर नाखुश था। यह बात उसने अपनी कई दोस्तों से भी कही थी और कहा था कि वह एक दिन अपनी जान ले लेगा। हालांकि, दोस्त-यार उसे ऐसा न करने के लिए समझाते थे।
बकौल नगभूषण, "अब पत्नी फिर प्रेग्नेंट हुई तो सबको उम्मीद थी कि वह बेटे को जन्म देगी। पर लेकिन इस बार शुक्रवार को बिटिया हुई, जिससे वह परेशान था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और न ही कोई आर्थिक मसला था। ऐसा लगता है कि उसने बेटा न होने के कारण यह कदम उठाया।"
लोकेश उस वक्त घर में अकेला था, जबकि मां बाजू में दूसरे बेटे साथ थीं। पुलिस ने बताया कि शनिवार रात मां ने बेटे को खाना परोसा था। अगली सुबह वह घर गईं तो वहां उन्होंने उसकी लाश सीलिंग से लटकी देखी। वह यह नजारा देख कर हैरान रह गई और चीखते हुए रोने लगीं।
