Karnataka Bribery Case: कर्नाटक में ठेकेदार से कथित तौर पर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए भाजपा विधायक डॉ. चंद्रू लमानी को तीन मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, शिरहट्टी से विधायक लमानी को शनिवार रात गडग से बेंगलुरु लाया गया और उन्हें विशेष सांसद/विधायक अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें तीन मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
कर्नाटक लोकायुक्त ने रिश्वत लेते भाजपा विधायक को किया गिरफ्तार।
क्या है पूरा मामला?
गडग जिले के चिंचाली निवासी ठेकेदार विजय पुजार की शिकायत के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने विधायक को कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़ा था। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि कथित रिश्वत सिंचाई विभाग के कार्यों से संबंधित थी।
उन्होंने कहा कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से परियोजना के एवज में 11 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से पांच लाख रुपये रिश्वत के तौर पर लेते हुए आरोपी विधायक को पकड़ा गया। लमानी के साथ-साथ उनके निजी सहायक मंजूनाथ वाल्मीकि और गुरु नाइक को भी इस मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
सनद रहे कि इससे पहले वर्ष 2023 में कर्नाटक के पूर्व भाजपा विधायक मदल विरुपाक्षप्पा को भी रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया था। लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें दावणगेरे जिले के चन्नागिरी कस्बे में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने से पहले ट्रैक किया था।
बताया गया था कि उन्होंने पुलिस से बचने की कोशिश की, लेकिन बेंगलुरु के पास एक टोल गेट पर उन्हें रोक लिया गया। बाद में कर्नाटक हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
विरुपाक्षप्पा को कर्नाटक स्टेट सोप्स एंड डिटर्जेंट्स लिमिटेड (केएसडीएल) से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया था। लोकायुक्त ने उन्हें तब बुक किया था, जब उनके बेटे को 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद की छापेमारी में उनके संजय नगर स्थित आवास से 6.1 करोड़ रुपये नकद और कार्यालय से 2.2 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। तलाशी के दौरान कुल 8.23 करोड़ रुपये नकद, बड़ी मात्रा में सोना-चांदी के आभूषण और कर्नाटक भर में भूमि में किए गए निवेश का भी खुलासा हुआ था।
