Kanchenjunga Accident Updates: सुबह से खराब थी स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली, तेज गति से मालगाड़ी चला रहा था चालक

बोर्ड ने कहा कि हालांकि मालगाड़ी के चालक को आरएनआई और सीएटी के बीच सभी लाल सिग्नल को पार करने की अनुमति दी गई थी, क्योंकि स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली में खराबी थी, फिर भी ट्रेन की गति इस तरह की स्थिति के लिए निर्धारित स्वीकार्य सीमा से अधिक थी।

Kanchenjunga Rail Accident: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसे को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। रेलवे बोर्ड ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में कंचनजंघा एक्सप्रेस दुर्घटना में प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि मालगाड़ी ने उस खंड पर दोषपूर्ण स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली के कारण गति प्रतिबंधों का उल्लंघन किया और अधिक गति के कारण यात्री ट्रेन से टकरा गई। राज्य के दार्जिलिंग जिले में रानीपतरा रेलवे स्टेशन (आरएनआई)-चत्तर हाट जंक्शन (सीएटी) मार्ग पर सुबह हुई दुर्घटना में सात यात्रियों और दो रेलवे कर्मचारियों की मौत हो गई और 41 लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Kanchenjunga Train Accident

कंचनजंगा एक्सप्रेस रेल हादसा

तेज गति से मालगाड़ी चला रहा था चालक

बोर्ड ने कहा कि हालांकि मालगाड़ी के चालक को आरएनआई और सीएटी के बीच सभी लाल सिग्नल को पार करने की अनुमति दी गई थी, क्योंकि स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली में खराबी थी, फिर भी ट्रेन की गति इस तरह की स्थिति के लिए निर्धारित स्वीकार्य सीमा से अधिक थी। बोर्ड ने कहा कि मालगाड़ी का चालक अधिक गति से मालगाड़ी चला रहा था और इस कारण यह आरएनआई और सीएटी के बीच कंचनजंगा एक्सप्रेस से टकरा गई। बोर्ड ने उन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुर्घटना में मारे गए चालक को रानीपतरा के स्टेशन मास्टर द्वारा टीए 912 नामक एक लिखित अनुमति दी गई थी जिसमें उसे सभी लाल सिग्नल पार करने का अधिकार दिया गया था।

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