दिल्ली के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में आज एक विशेष कार्यक्रम 'कला-समांतर' का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना और कोरियोग्राफर रानी खानम द्वारा परिकल्पित कार्यक्रम की शुरुआत दिव्यांगों की कलात्मक क्षमता पर एक परिचर्चा के साथ हुई, जिसमें वक्ताओं के रूप में एनजीएमए की निदेशक टेमसुनारो जमीर, श्रीमती जयंती रंगनाथन, कार्यकारी संपादक, हिन्दुस्तान, मल्लिकार्जुन इयथा, (Social Entrepreneur), प्रोफेसर विक्रम दत्त, (Disability and Inclusion Expert), डॉ. राजेश केसरी, वरिष्ठ चिकित्सक और प्रसिद्ध कलाकार धर्मेंद्र राठौड़ उपस्थित रहे। व्यक्तित्व विकास , कला और रचनात्मकता के माध्यम से ट्रॉमा का इलाज और भारत को समावेशी और समावेशी शिक्षा में विश्व में अग्रणी बनाने को लेकर इस परिचर्चा में चर्चा की गई।
दिल्ली के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में 'कला-समांतर'
Glimpses of ‘KALA-SAMANTAR’, an art gala that united visual and performing arts in a beautiful symphony. The progra… t.co/BuPYU5GYPk
— ANI (@ANI) Dec 9, 2022
परिचर्चा के बाद दिव्यांग एवं अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसमें संगीत और नृत्य का प्रदर्शन किया गया। विशेष रूप से दिव्यांग कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मस्ती से भरे दिन का समापन क्ले मॉडलिंग, पॉटरी और पेंटिंग में श्री धर्मेंद्र राठौड़ के मार्गदर्शन में एक कार्यशाला के साथ हुआ।
