दुनिया को एकजुट करने के लिए कैलाश सत्यार्थी ने छेड़ा एक नया वैश्विक आंदोलन, सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन का हुआ आगाज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 11, 2024, 03:54 PM IST

कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि पिछले कई दशकों से, मैं करुणा के वैश्वीकरण की जरूरत पर बात करता रहा हूं। आज एसएमजीसी के साथ हमने उस दिशा में आगे एक और कदम बढ़ा दिया है। मैं आप सभी से आह्वान करता हूं कि आप अपने भीतर छुपी करुणा की उस चिंगारी को पहचानें और इस आंदोलन में शामिल हों।

नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने नई दिल्ली में आयोजित लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन कॉन्क्लेव में एक नई वैश्विक पहल 'सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन'(SMGC) का आगाज किया। नोबेल पुरस्कार विजेताओं और नेताओं, व्यवसायों, शिक्षाविदों, युवाओं और नागरिक समाज को साथ लेकर छेड़े गए करुणा के इस नए आंदोलन का उद्देश्य, टूटन और बिखराव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही दुनिया को एकजुट करके एक न्यायपूर्ण, समावेशी और पक्षपात रहित विश्व का निर्माण करना है।

Kailash Satyarthi

सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन का हुआ आगाज

दुनिया को करुणा से ही किया जा सकता है एकजुट- सत्यार्थी

एसएमजीसी की शुरुआत ऐसे वक्त में हुई है जब दुनिया कई बड़ी वैश्विक चुनौतियों से जूझ रही है। इस अवसर पर बोलते हुए, एसएमजीसी के संस्थापक सत्यार्थी ने कहा कि पिछले कई दशकों से, मैं करुणा के वैश्वीकरण की जरूरत पर बात करता रहा हूं। आज एसएमजीसी के साथ हमने उस दिशा में आगे एक और कदम बढ़ा दिया है। मैं आप सभी से आह्वान करता हूं कि आप अपने भीतर छुपी करुणा की उस चिंगारी को पहचानें और इस आंदोलन में शामिल हों। टूटन और बिखराव से त्रस्त हमारी इस दुनिया को करुणा ही एकजुट कर सकती है।

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