कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पूरी कर लौट रहे महाराष्ट्र के 37 श्रद्धालुओं के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। तिब्बत के सागा इलाके में फंसे ये सभी यात्री मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की त्वरित पहल और भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद आज (28 अगस्त) सुबह 6 बजे सागा से न्यालम चेक पोस्ट के रास्ते सुरक्षित काठमांडू के लिए रवाना हो गए हैं।
कैलाश मानसरोवर के 37 श्रद्धालुओं को बड़ी राहत
सागा में फंस गए थे 37 श्रद्धालु
ठाणे, पुणे, अलीबाग, रायगढ़ और डोंबिवली क्षेत्र के 37 श्रद्धालु 'जय गिरनारी ट्रस्ट' (अलीबाग) के प्रमोद केणे के नेतृत्व में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। यात्रा संपन्न करने के बाद वापस लौटते समय खराब हालात या प्रशासनिक कारणों से वे तिब्बत के सागा में फंस गए।
श्रद्धालुओं की काठमांडू से भारत वापसी की फ्लाइट 29 अगस्त को दोपहर 2 बजे निर्धारित थी। ऐसे में समय पर काठमांडू पहुंचना उनके लिए बेहद जरूरी और चिंता का विषय बना हुआ था।
ऐसे मिला प्रशासनिक और राजनीतिक सहयोग
सागा में फंसे होने की जानकारी मिलते ही समूह के सदस्य नितिन शिर्के और राकेश जितेकर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क साधा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) से संपर्क कर समन्वय स्थापित किया। विदेश मंत्रालय ने भी मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए चीनी और स्थानीय अधिकारियों के साथ संवाद कर आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
श्रद्धालुओं ने जताया सरकार का आभार
तत्परता से किए गए इन कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के परिणामस्वरूप सभी 37 यात्रियों की सागा से काठमांडू तक की सुरक्षित वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ।
संकट की इस कठिन घड़ी में समय पर मिली मदद से श्रद्धालुओं और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। सभी श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
