न्यायिक आदेश बाधा, सरकार एफआईआर दर्ज करने में लाचार: जस्टिस वर्मा मामले पर बोले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि हमारी न्याय प्रणाली एक अत्यंत पीड़ादायक घटना से जूझ रही है, जो मार्च मध्य में दिल्ली में एक कार्यरत न्यायाधीश के निवास पर हुई थी। वहां नकदी बरामद हुई, जो स्पष्ट रूप से अवैध, बेहिसाब थी। यह जानकारी 6-7 दिन बाद सार्वजनिक हुई। उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, यदि यह जानकारी बाहर नहीं आती, तो क्या होता?

दिल्ली हाईकोर्ट के तत्कालीन जज के आवास से नोटों के बंडल मिलने संबंधी मामले पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि आज की सरकार लाचार है। वह एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती, क्योंकि एक न्यायिक आदेश बाधा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह आदेश तीन दशक से भी अधिक पुराना है। वह लगभग अभेद्य सुरक्षा प्रदान करता है। जब तक न्यायपालिका के सर्वोच्च स्तर पर कोई पदाधिकारी अनुमति नहीं देता, एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। मैं स्वयं से एक सवाल पूछता हूं, पीड़ा में, चिंता में, व्याकुलता में कि वह अनुमति क्यों नहीं दी गई? यह तो न्यूनतम कदम था, जो सबसे पहले उठाया जाना चाहिए था।”

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (फाइल फोटो)

उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारी न्याय प्रणाली एक अत्यंत पीड़ादायक घटना से जूझ रही है, जो मार्च मध्य में दिल्ली में एक कार्यरत न्यायाधीश के निवास पर हुई थी। वहां नकदी बरामद हुई, जो स्पष्ट रूप से अवैध, बेहिसाब थी। यह जानकारी 6-7 दिन बाद सार्वजनिक हुई। उन्होंने कहा कि कल्पना कीजिए, यदि यह जानकारी बाहर नहीं आती, तो क्या होता? हमें यह भी नहीं पता चलता कि यह एकमात्र मामला है या और भी मामले हैं। जब भी इस तरह की बेहिसाब नकदी मिलती है, तो हमें यह जानना चाहिए कि यह पैसा किसका है। इसकी मनी ट्रेल क्या है? क्या इस पैसे ने न्यायिक कार्य में प्रभाव डाला? यह सब केवल वकीलों की चिंता नहीं, आम जनता की भी चिंता है।

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