Amit Shah : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि कोई फैसला सुनाने पर किसी जज के खिलाफ महाभियोग चलाने की कवायद आजादी के बाद कभी नहीं हुई। लोकसभा में विपक्ष को निशाने पर लेते हुए गृह मंत्री ने कहा कि ये लोग अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए महाभियोग लेकर आए हैं। यहां तक कि शिवसेना (यूबीटी) ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए। न्यायाधीश का फैसला बस इतना भर है कि पहाड़ी पर दीया जलाने की परंपरा रही है लेकिन यह बात इन्हें इतनी बुरी लगी कि अपने वोट बैंक को बचाने के लिए ये महाभियोग लेकर आ गए। दरअसल, इंडिया गठबंधन के 107 सांसदों ने मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए नोटिस दिया है।
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह। तस्वीर-PTI
दीपाथून पर दीया जलाने का जज ने दिया आदेश
बीते 1 दिसंबर के हाई कोर्ट के सिंगल जज बेंच की अगुवाई करने वाले जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने अपने आदेश में कहा कि अरुलमिघु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर का यह कर्तव्य है कि वह दीपाथून पर दीया जलाए। ऐसा करने से पास की दरगाह या मुस्लिम कम्युनिटी के अधिकारों में दखल नहीं होगा। मंदिर कमेटी ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया तो उन्होंने मंदिर मैनेजमेंट के खिलाफ अवमानना का आदेश भी जारी कर दिया। जस्टिस स्वामीनाथन की बेंच ने 3 दिसंबर को एक और आदेश जारी किया, जिसमें भक्तों को खुद दीया जलाने की इजाजत दी गई। इसके साथ ही सीआईएसएफ को उनकी सुरक्षा पक्का करने का निर्देश दिया गया। इस आदेश के बाद तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
डीएमके का दावा-प्रस्ताव को 100 से ज्यादा सांसदों का समर्थन
रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तमिलनाडु और अन्य दलों के सांसद ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। डीएमके का कहना है कि महाभियोग लाने के लिए उसके इस प्रस्ताव को 100 सांसदों का समर्थन मिल चुका है। प्रस्ताव पर ज्यादातर इंडिया ब्लॉक के सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्षी पार्टियां पिछले कुछ समय से जस्टिस स्वामीनाथन के कुछ फैसलों को लेकर उन पर निशाना साध रही हैं। पिछले तीन सालों में यूट्यूबर सवुक्कू शंकर और वकील वंचिनाथन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए भी जज की आलोचना हुई थी।
