Jawaharlal Nehru University: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर भारत में भी दिख रहा है। खबर है कि शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यायल (JNU) ने भारत में ईरानी, फिलिस्तीनी और लेबनानी राजदूतों के सेमिनार रद्द कर दिए गए हैं। ये सेमिनार जेएनयू के पश्चिम एशियाई अध्ययन केंद्र में आयोजित होने थे। सेमिनार रद्द किए जाने के पीछे अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया गया है।
जेएनयू ने ईरान, फिलिस्तीन और लेबनान के राजदूतों के सेमिनार किए कैंसल।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, शुक्रवार को भारत में ईरानी राजूदत डॉ. इराज इलाही का व्याख्यान होना था। उन्हें "पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों को ईरान कैसे देखता है" विषय पर बोलना था। हालांकि, इस सेमिनार से कुछ घंटे पहले, छात्रों को सुबह 8.09 बजे सेमिनार रद्द होने का ईमेल मिला। ईमेल में अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया गया।
लेबनानी और फिलिस्तीनी राजदूत के सेमिनार भी कैंसल
सिर्फ ईरान ही नहीं लेबनान और फिलिस्तीन के राजदूत के भी सेमिनार भी कैंसल किए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 नवंबर को फिलिस्तीनी राजदूत अदनान अबू अल-हैजा का सेमिनार होना था। उसे रद्द कर दिया गया है। साथ ही 14 नवंबर को लेबनानी राजदूत डॉ. रबी नरश के साथ लेबनान पर केंद्रित एक सत्र को भी रद्द करने की घोषणा की गई है।
विरोध प्रदर्शन का था डर
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। दरअसल, सूत्रों का कहना है कि संभावित विरोध प्रदर्शनों की चिंताओं के कारण कार्यक्रम रद्द किए गए। डर था कि ईरान, फिलिस्तीन और लेबनान के राजदूत के कार्यक्रम के समय कैंपस में बड़ा विरोध प्रदर्शन हो सकता था।
