JK Rajya Sabha Election Result: जम्मू कश्मीर में हुई चार राज्यसभा सीटों के चुनाव का रिजल्ट आ गया है। मिली जानकारी के अनुसार सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस ने तीन सीटों पर जीत हासिल की है, वहीं बीजेपी के हिस्से एक सीट आई है। कांग्रेस इस चुनाव में उतरी ही नहीं थी।
जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस ने राज्यसभा चुनाव में जीती 3 सीटें (फोटो- @OmarAbdullah)
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कौन-कौन जम्मू कश्मीर से राज्यसभा पहुंचे
जेकेएनसी के वरिष्ठ नेता चौधरी मोहम्मद रमज़ान 58 वोटों से जीत कर जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अनुसार, पार्टी नेता सज्जाद किचलू और शम्मी ओबेरॉय ने भी अपनी-अपनी सीटें जीती हैं। भाजपा के सतपाल शर्मा ने चौथी सीट जीत ली, पार्टी को 32 वोट मिले - जिसमें चार क्रॉस वोट भी शामिल हैं - जबकि जेकेएनसी को 22 वोट मिले।
1. चौधरी मोहम्मद रमजान (नेशनल कांफ्रेंस)
- रमजान (75) चार बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व मंत्री भी हैं। वह पहली बार 1983 में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा से विधानसभा के लिए चुने गए थे।
- उन्होंने 1987 और 1996 के विधानसभा चुनावों में यह सीट बरकरार रखी। वर्ष 2002 का चुनाव हारने के बाद, रमजान 2008 में फिर से विधानसभा में लौटे। हालांकि, वह 2014 और 2024 के विधानसभा चुनावों में सज्जाद गनी लोन से हार गए।
- रमज़ान 1996 में फारूक अब्दुल्ला सरकार में मंत्री थे।
2. सज्जाद अहमद किचलू (नेशनल कांफ्रेंस)
- सज्जाद अहमद किचलू जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता बशीर अहमद किचलू पार्टी के एक बड़े नेता थे और उन्होंने 1980 के दशक एवं 1996 में फारूक अब्दुल्ला सरकार में अहम पद संभाले थे।
- बशीर अहमद किचलू की 2001 में मौत हो गयी थी। तब वह सामाजिक कल्याण मंत्री थे। ऐसे में सज्जाद ने चुनावी राजनीति में कदम रखा और 2002 के चुनाव में किश्तवाड़ सीट जीत ली। उन्होंने 2008 के चुनाव में भी यह सीट बरकरार रखी।
- हालांकि, सज्जाद अहमद किचलू 2014 और 2024 के विधानसभा चुनावों में हार गए। वह 2015 में जम्मू और कश्मीर विधानपरिषद के लिए निर्वाचित हुए।
3. गुरविंदर सिंह ओबेरॉय (नेशनल कांफ्रेंस)
- गुरविंदर सिंह ओबेरॉय (56) जम्मू और कश्मीर से दूसरे सिख सांसद हैं। उन्हें शम्मी ओबेरॉय के नाम से भी जाना जाता है, वह एक व्यापारी हैं और उनके पास होटल प्रबंधन में डिप्लोमा है।
- अभी वह नेशनल कांफ्रेंस के कोषाध्यक्ष हैं। गुरविंदर सिंह ओबेरॉय पार्टी के दिवंगत नेता और विधानपरिषद सदस्य रहे धर्मवीर सिंह ओबेरॉय के बेटे हैं। उनके पिता 1999 में उमर अब्दुल्ला के संसदीय चुनाव के दौरान उनके मुख्य पोलिंग एजेंट भी थे।
- देवेंद्र सिंह राणा के अक्टूबर 2021 में पार्टी छोड़ने के बाद शम्मी ओबेरॉय नेशनल कांफ्रेंस में प्रमुखता से उभरे। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए पीडीपी और कांग्रेस का समर्थन हासिल करने में अहम भूमिका निभाई।
- उन्हें पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दोनों का खास करीबी माना जाता है। मार्च 2017 में उन्हें पार्टी का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
4.सत शर्मा (भाजपा)
- भाजपा की जम्मू और कश्मीर इकाई के अध्यक्ष 64 वर्षीय सत शर्मा, पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्हें पिछले साल केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
- यह प्रदेश भाजपा प्रमुख के तौर पर उनका दूसरा कार्यकाल है। वह 2015 से 2018 तक यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
- शर्मा पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार में दो महीने तक मंत्री रहे थे। उन्होंने 2014 का विधानसभा चुनाव जम्मू पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर जीता था।
- हालांकि, उनकी पार्टी के 29 सीट जीतने के बावजूद, वह 2024 का विधानसभा चुनाव हार गए।
चौथी सीट पर हुआ खेला
राज्यसभा चुनाव में 87 विधायकों ने मतदान किया, जिनमें से 86 विधायकों ने व्यक्तिगत रूप से मतदान किया, जबकि डोडा के विधायक मेहराज मलिक, जो फिलहाल हिरासत में हैं, ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) के सज्जाद लोन मतदान प्रक्रिया से अनुपस्थित रहे। हालांकि, एनसी ने तीन सीटों पर स्पष्ट बढ़त हासिल की, लेकिन चौथी सीट के लिए मुकाबला काफी महत्वपूर्ण था, क्योंकि एनसी को उम्मीद थी कि वह 6 कांग्रेस विधायकों, 6 निर्दलीयों, एक सीपीआई-एम, एक अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी), और एक आम आदमी पार्टी (आप) के समर्थन से यह सीट भी जीत लेगी।
