Jharkhand Students Protest: झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं (JPSC-JSSC) में हुई धांधली और अनियमितताओं के विरोध में आंदोलित छात्रों के 'विधानसभा घेराव मार्च' को ध्यान में रखते हुए पूरे रांची शहर को छावनी में बदल दिया गया है। 16 दिनों से जारी इस आंदोलन के चरम पर पहुंचने की आशंका के चलते प्रशासन ने धारा 144 (BNSS के तहत निषेधाज्ञा) लागू कर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी है।
झारखंड में छात्रों का आंदोलन
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रतिबंध
रांची के एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। रांची प्रवेश के प्रमुख मार्गों और मुख्य चौराहों पर पुलिस ने सख्त बैरिकेडिंग की है। आंदोलन के प्रभाव को देखते हुए जमशेदपुर जिला प्रशासन ने भी रविवार मध्य रात्रि से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एडीजी (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आंदोलन में उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों को घुसने न दें और अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखें।
आंदोलन की पृष्ठभूमि और मुख्य मांगें
छात्र संगठन 'JPSC/JSSC सुधार मंच' के बैनर तले पिछले दो हफ्तों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं। छात्र 14वीं JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन में शामिल 6 छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिनमें से कुछ की तबीयत भी बिगड़ गई है।
रास्ते में रोके जाने का आरोप
अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य के दूर-दराज के जिलों से रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस द्वारा जबरन बीच रास्ते में बसों और ट्रेनों से उतरवाकर रोका जा रहा है। विधानसभा मार्च से ठीक एक दिन पहले राज्य में भारी राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला। बढ़ते जनदबाव के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों (अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद) ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वीकार कर लिया है।
सरकार की पहल और CID-ED जांच
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य सरकार की कैबिनेट समिति और छात्र नेताओं के बीच वार्ता हुई। सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने, CID जांच और वित्तीय अनियमितताओं पर ED जांच कराने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, छात्र संगठन CBI जांच से कम पर समझौते को तैयार नहीं हुए। भाजपा के प्रदेश महासचिव अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को पुलिस ने उनके आवास पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया है ताकि वे छात्रों का समर्थन न कर सकें।
पुलिस ने की शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अपील
झारखंड सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) मनोज कौशिक ने भी जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को नुकसान न पहुंचे। ADG ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि अगर वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करना चाहते हैं, तो पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर स्थिति को संभालने के लिए तैयार है।
अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है
मनोज कौशिक ने जांच से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। मनोज कौशिक ने कहा कि जांच के संबंध में नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। नोटिस जारी करना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है और इसके जवाब में जो लोग सामने आएंगे, उनसे मामले से जुड़े तथ्यों को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों के बीच अब सभी की नजरें JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर हैं।
