Jharkhand News: झारखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। ईडी ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। सोरेन ने सोमवार को उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दाखिल कर मामले में शीघ्र सुनवाई करने का अनुरोध किया था।
हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री, झारखंड।
10 जून को होगी मामले की अगली सुनवाई
न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय की पीठ के समक्ष सोरेन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सोरेन राजनीतिक साजिश का शिकार हैं। अदालत ने ईडी को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई 10 जून के लिए निर्धारित कर दी।
झारखंड हाईकोर्ट में पेश की गई ये दलील
सोरेन ने अदालत के समक्ष दलील दी कि बार्गेन इलाके में 8.5 एकड़ जमीन के किसी भी दस्तावेज में उनका नाम नहीं है और उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कोई अपराध नहीं बनता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईडी केवल कुछ लोगों के बयानों पर भरोसा कर रहा है जिन्होंने कहा था कि भूमि का टुकड़ा उनका है, लेकिन ऐसे बयानों के समर्थन में कोई दस्तावेज नहीं था।
हेमंत सोरेन ने दायर की जमानत याचिका
जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को जमानत का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। सोरेन ने झारखंड उच्च न्यायालय से मामले की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया था। जिसके बाद मंगलवार को न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। बता दें, कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में ईडी ने इसी वर्ष 31 जनवरी को झारखंड के पूर्व सीएम सोरेन को गिरफ्तार किया था।
