Hemant Soren Cabinet Expansion: झारखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के लिए राजभवन में गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होगा। हेमंत सोरेन ने 28 नवंबर को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 4 दिसंबर को झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के कार्यक्रम की आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी गई थी। राजभवन की ओर से जारी सूचना में बताया गया था कि 5 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से राजभवन के अशोक उद्यान में मंत्रियों का शपथ ग्रहण होगा। इसी समारोह में विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर बनाए गए स्टीफन मरांडी को भी शपथ दिलाई जाएगी।
हेमंत सोरेन
जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी है, उनके नामों का खुलासा अब तक नहीं किया गया है। मंत्रिमंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा से छह, कांग्रेस से चार और राष्ट्रीय जनता दल से एक विधायक को मंत्री बनाए जाने के फॉर्मूले पर गठबंधन में पूर्व से सहमति बन चुकी है।
इन्हें मिल सकती है कैबिनेट में जगह
राष्ट्रीय जनता दल से गोड्डा के विधायक संजय यादव का मंत्री बनना तय माना जा रहा है। सूत्रों के हवाले से यह सूचना सामने आई है। पहले देवघर के विधायक सुरेश पासवान का नाम भी सुर्खियों में है, लेकिन अब उन्हें पार्टी विधायक दल का नेता बनाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि हेमंत सोरेन की पूर्व की सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री रहे डॉ. रामेश्वर उरांव को इस बार विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी दी जाएगी और उनकी जगह कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी और खिजरी के विधायक राजेश कच्छप में से किसी एक को मंत्रिमंडल में बर्थ हासिल होगा।
कांग्रेस से महिला चेहरा भी मंत्रिमंडल में होगा शामिल
कांग्रेस से कुल पांच महिला विधायकों ने जीत दर्ज की है। इनमें से एक का मंत्री बनना तय माना जा रहा है और इस रेस में महागामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह का नाम सबसे ऊपर है। इनके अलावा कांग्रेस के विधायकों में जामताड़ा के इरफान अंसारी, पोड़ैयाहाट के प्रदीप यादव, बेरमो के जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित छतरपुर सीट से जीत दर्ज करने वाले राधाकृष्ण किशोर में से कोई दो नाम मंत्रिमंडल का हिस्सा हो सकते हैं।
जेएमएम से इन्हें मिल सकता है मंत्री पद
झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से चाईबासा के दीपक बिरुआ, घाटशिला के रामदास सोरेन, मधुपुर के हफीजुल हसन, भवनाथपुर के अनंत प्रताप देव, जामा की डॉ. लुईस मरांडी और टुंडी के विधायक मथुरा महतो को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। वैसे ईचागढ़ की विधायक सविता महतो और राजमहल के विधायक एमटी राजा के नाम की भी चर्चा चल रही है। प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी को अगर स्पीकर के तौर पर चुने जाने पर सहमति बनी तो पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो मंत्रिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं। झामुमो के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि मंत्रिमंडल में अनुभव और युवा ऊर्जा का समन्वय दिखेगा।
