Nitish Kumar Delhi visit: बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार बुधवार (16 अगस्त, 2023) को दिल्ली पहुंचे। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर वह राष्ट्रीय राजधानी में वाजपेयी के समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पहुंचे, जहां उन्होंने फूल अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अटल के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रह चुके कुमार ने पूर्व पीएम के साथ अपने रिश्ते और कामकाज के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया, ‘‘वाजपेयी मुझसे बहुत स्नेह रखते थे और वह मेरी बड़ी इज्जत करते थे। मैं उन्हें कभी भूल नहीं सकता। उन्होंने मुझे बहुत काम दिया। जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना तो मेरे शपथ ग्रहण में आए थे।’’
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि ‘सदैव अटल’ पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते नीतीश कुमार। (फाइल)
उधर, कुमार के दिल्ली दौरे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता रविशंकर प्रसाद ने निशाना साधते हुए कहा, ‘‘कुमार चाहे दिल्ली जाएं या मुंबई, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पहले ही नीतीश कुमार से दिल्ली जाने और मुख्यमंत्री पद तेजस्वी प्रसाद यादव के लिए छोड़ने को कहा था। लेकिन नीतीश मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। मैं यह स्पष्ट कर दूं कि भाजपा के नेतृत्व वाला राजग 2024 में फिर से सरकार बनाएगा और नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, "कुमार 2024 के लिए बारात सजा रहे हैं, लेकिन इस बारात का दूल्हा कौन है?" इस बीच, भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने बताया, ‘‘अच्छा है कि नीतीश वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने दिल्ली गए। वह उन्हीं की वजह से ही बिहार के मुख्यमंत्री बने।’’ आगे भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा, ‘‘नीतीश के बयान बहुत विरोधाभासी हैं। अगर वह अटल का सम्मान करते हैं...जैसा कि वह दावा करते हैं, तो वह कैसे कह सकते हैं कि वह हमारे प्रधानमंत्री सहित अन्य भाजपा नेताओं का सम्मान नहीं करते हैं।’’
दरअसल, बिहार के सीएम दोपहर दिल्ली पहुंचे, जहां उनके विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के कुछ नेताओं से मिलने की अटकल थी। वैसे, सबसे ध्यान देने वाली बात है कि जेडीयू के टॉप नेता कुमार महाराष्ट्र के मुंबई में 31 अगस्त और एक सितंबर को होने वाली विपक्ष की बैठक से कुछ दिनों पहले दिल्ली पहुंचे। माना जा रहा है कि उन्हें ‘इंडिया’ में संयोजक या कोई अन्य भूमिका सौंपी जा सकती है।
