जंतर-मंतर पर सालाना 1300 प्रदर्शन, क्षमता सिर्फ 1500 लोगों की! दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में बताया क्यों बदला प्रदर्शन स्थल

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जंतर-मंतर पर औसतन हर साल 1300 से ज्यादा प्रदर्शन, धरने और विरोध कार्यक्रम आयोजित होते हैं। पुलिस के आकलन के मुताबिक, इस जगह पर एक समय में अधिकतम करीब 1500 लोगों के प्रदर्शन करने की क्षमता है।

दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन और धरने की जगह बदलने के फैसले को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना विस्तृत पक्ष रखा है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की ओर से दाखिल दो अलग-अलग हलफनामों में राजधानी में प्रदर्शन की व्यवस्था, जंतर-मंतर को डिनोटिफाई करने की वजह, वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों की पहचान और दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में धारा 163 BNSS लागू करने के आधार का ब्योरा दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट

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दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति या संगठन किसी एक निश्चित जगह पर हमेशा के लिए प्रदर्शन करने का अधिकार मांग सकता है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के अधिकार के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा, कारोबार, आवाजाही, सरकारी कार्यालयों के कामकाज और आपातकालीन सेवाओं का अधिकार भी संतुलित करना जरूरी है।

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