Jammu-Srinagar Vande Bharat: जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की देशभर में चर्चा हो रही है। जम्मू-कश्मीर में यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार ने हाल ही में जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई है। वहीं, यात्रियों के बीच भी इस ट्रेन की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है। रेल मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ट्रेन के संचालन के पहले 10 दिनों (2 मई से 11 मई) के भीतर ही इस सेवा ने 44,727 यात्रियों ने सफर किया।
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है। PTI
बता दें कि पीएम मोदी ने 6 जून को 272 किलोमीटर उधमपुर-श्रीनगर-बारामूल रेल लिंक का उद्घाटन किया था। इसके बाद 30 अप्रैल को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 20 कोच वाली जम्मू तवी श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी। ट्रेन का नियमित संचालन 2 मई से शुरू हुआ।
पर्यटकों और व्यापारियों की पहली पसंद
वंदे भारत की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पहले सप्ताह में ही 28,762 लोगों ने सफर किया। 10 मई (रविवार) को ट्रेन में 98.21% ऑक्युपेंसी दर्ज की गई, जो दर्शाती है कि यह ट्रेन पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के लिए वरदान साबित हो रही है। जहां पहले 8 कोच की ट्रेनें चलती थीं, वहीं अब 20 कोच वाली ट्रेन भी पूरी क्षमता के साथ चल रही है।
सप्ताह में कनेक्टिविटी: वर्तमान में दो जोड़ी ट्रेनें (26401/02 और 26403/04) इस रूट पर चल रही हैं, जिससे सप्ताह के कम से कम पांच दिन यात्रियों को दोनों तरफ से दो-दो ट्रेनों के विकल्प मिल रहे हैं।
हर मौसम के लिए तैयार: यह ट्रेन शून्य से 20 डिग्री नीचे (-20°C) के तापमान में भी चलने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे भारी बर्फबारी या भूस्खलन के दौरान भी कश्मीर का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से नहीं टूटेगा।
हवाई और सड़क मार्ग से सस्ता और शानदार सफर
जम्मू से श्रीनगर की यह यात्रा न केवल समय बचाती है (5 घंटे से कम), बल्कि जेब पर भी हल्की है। हवाई किराए और प्राइवेट टैक्सी की तुलना में वंदे भारत का 'चेयर कार' टिकट काफी किफायती रखा गया है, जिसमें स्वादिष्ट भोजन भी शामिल है।
इस रूट की सबसे बड़ी विशेषता इसका प्राकृतिक सौंदर्य है। दुनिया के सबसे ऊंचे 'चेनाब ब्रिज' और 'अंजी खड्ड' जैसे इंजीनियरिंग अजूबों से गुजरते हुए यात्री हिमालय की गोद में बसे जन्नत (कश्मीर) का दीदार कर सकते हैं। गर्मियों के सीजन की शुरुआत और खिलते हुए गुलमर्ग-पहलगाम के बीच, यह ट्रेन सेवा आने वाले महीनों में पर्यटन के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है।
