'नकद, आवास और...', कठुआ में आतंकियों के 39 मददगारों की हुई पहचान; 18 पर PSA के तहत मामला दर्ज

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में वर्ष 2025 में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां की गईं। आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और साइबर अपराध के मामलों में जिले की पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की। इसके अलावा, बाढ़ के दौरान पुलिस ने आपदा में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित बचाया।

Kathua News: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के तहत वर्ष 2025 में 39 ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ (ओजीडब्ल्यू) की पहचान की गई, जिनमें से 18 के खिलाफ नागरिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत कार्रवाई की गई। कठुआ की एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। ओवरग्राउंड वर्कर्स वे लोग होते हैं जो आतंकियों को नकद, आवास, मानवीय सहायता और अन्य सुविधाओं की आपूर्ति में मदद करते हैं। कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने वर्ष 2025 की वार्षिक अपराध रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस साल आतंकवाद से जुड़े चार मामले दर्ज किए गए, जिनमें सात लोग गिरफ्तार किए गए और दो आतंकवादी मारे गए।

39 OGWs identified in Kathua, Jammu and Kashmir (Symbolic Photo: iStock)

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 39 ओजीडब्ल्यू की पहचान की गई (सांकेतिक फोटो: iStock)

पुलिस का व्यापक अभियान

एसएसपी मोहिता शर्मा ने कहा, "कठुआ जिले में आतंकवाद से जुड़े विभिन्न नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया। इसी दौरान 2025 में 39 ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) की पहचान हुई, जिनमें से 18 के खिलाफ नागरिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत कार्रवाई की गई।" एसएसपी ने बताया कि स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज 'ड्रोन-ड्रॉपिंग' मामले में अहम सफलता हासिल हुई है।

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