ISRO ने रवाना किया अपना 100वां मिशन, स्पेस की दुनिया में हासिल किया खास मुकाम

ISRO launchs its 100th mission : भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण यान GSLV-F15 के जरिए अपना 100वां मिशन, NVS-02 नेविगेशन उपग्रह लॉन्च किया। इस परीक्षण

ISRO launchs its 100th mission : भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण यान GSLV-F15 के जरिए अपना 100वां मिशन, NVS-02 नेविगेशन उपग्रह लॉन्च किया। इस परीक्षण के साथ ही इसरो ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक खास उपलब्धि हासिल कर ली है। जीएसएलवी GSLV-F15 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया नेविगेशन सैटेलाइट NVS-02 परिवहन में उचित ट्रैकिंग और मार्गदर्शन में मदद करेगा। हवाई और समुद्री यातायात को कुशलतापूर्वक ट्रैक करेगा। वहीं, सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए सुरक्षित, स्थानीय नेविगेशन होने से रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा।

isro space mission

इसरो ने रवाना किया 100वां मिशन।

नाविक श्रृंखला का दूसरा उपग्रह

सूत्रों ने बताया कि स्वदेशी क्रायोजेनिक चरण के साथ भू-समकालीन उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) अपनी 17वीं उड़ान में नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-02 को लेकर यहां दूसरे लॉन्च पैड से 29 जनवरी को सुबह छह बजकर 23 मिनट पर प्रक्षेपित हुआ। यह नेविगेशन उपग्रह ‘नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन’ (नाविक) श्रृंखला का दूसरा उपग्रह है, जिसका उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ भारतीय भूभाग से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे के क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति, गति और समय की जानकारी प्रदान करना है।

30 दिसंबर, 2024 को प्रक्षेपण

इससे पहले, इसरो ने अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया था। इस प्रयोग के तहत 30 दिसंबर, 2024 को प्रक्षेपण किया गया था जो अंतरिक्ष एजेंसी का 99वां मिशन था। नारायणन ने कहा कि उन्हें यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि 2025 में इसरो का पहला प्रयास सफल रहा। उन्होंने सफल प्रक्षेपण के बाद कहा कि उपग्रह को ‘आवश्यक (जीटीओ) कक्षा में सटीकता से स्थापित किया गया। यह मिशन 100वां प्रक्षेपण है जो एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’

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