क्या असम के कामरूप में है 6वां ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर, छिड़ा विवाद

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Feb 15, 2023, 01:22 PM IST

असम सरकार के मुताबिक छठवां ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर कामरूप जिले के डाकिनी पहाड़ी पर है। अब इसे लेकर महाराष्ट्र के नेताओं ने ऐतराज जताया है।

12 ज्योतिर्लिंगों में से छठवां ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर पर विवाद उठ खड़ हुआ है। असम सरकार के मुताबिक छठवां ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर कामरूप जिले के डाकिनी पहाड़ी पर है। हालांकि अभी तक महाराष्ट्र में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के बारे में जानकारी रही है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से तीन महाराष्ट्र में हैं। लेकिन महाशिवरात्रि से पहले असम सरकार के एक विज्ञापना के बाद चर्चा तेज हो गई है। महाराष्ट्र के नेताओं ने असम सरकार के विज्ञापन पर ऐतराज जताया है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे जिले में है। इस ज्योतिर्लिंग के पास से भीमा नदी बहती है जो पश्चिमी घाट स्थित सह्याद्रि के पहाड़ियों के करीब है। असम सरकार ने जो विज्ञापन दिया है उसके मुताबिक भारतवर्ष के छठे ज्योतिर्लिंग स्थल कामरूर के डाकिनी पहाड़ी पर आपका स्वागत है। विज्ञापन में शिवपुराण का जिक्र करते हुए भीमाशंकर की कथा भी बताई गई है।

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भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग पर विवाद(सौजन्य-ghhumakad.com)

क्या है कहानी

विज्ञापन में पूरी कहानी कुछ यूं है। शिवपुराण के हवाले से लिखा गया है कि रावण के भाई कुंभकर्ण का भीम नाम का बेटा था। पिता के निधन के बाद उसका जन्म हुआ था। उसे यह नहीं पता था कि उसके पिता की मृत्यु भगवान राम के हाथों हुई थी। जह उसे यह बात उसकी मां से पता चली तो उसने ब्रह्मा जी का तप किया और वरदान मांगा। वरदान मिलने के बाद वो अत्याचारी हो गया और देवताओं को भी हरा दिया। अपनी हार के बाद देवता भगवान भोले यानी शंकर जी के पास पहुंचे। शंकर जी ने देवताओं से कहा कि बहुत जल्द ही उसका नाश हो जाएगा। उन्होंने एक लड़ाई में भीम को राख कर दिया और उसके बाद से भगवान शिव भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के तौर पर डाकिनी पहाड़ी पर विराजमान हैं।

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