Shashi Tharoor- कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और सांसद शशि थरूर संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आयोजित कांग्रेस रणनीतिक समूह की बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि, थरूर के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि वह केरल में थे और अपनी 90 वर्षीय मां के साथ फ्लाइट से वापस आ रहे थे। स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार के कारण कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल भी दिल्ली में बैठक में शामिल नहीं हो सके।
क्या कांग्रेस से दूर हो रहे शशि थरूर ? (PTI)
एसआईआर मुद्दे पर भी कांग्रेस की बैठक में शामिल नहीं हुए थे थरूर
हाल ही में थरूर खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए एसआईआर मुद्दे पर बुलाई गई कांग्रेस की बैठक में शामिल नहीं हुए थे, लेकिन एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति और प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए इंस्टाग्राम पोस्ट ने पार्टी के भीतर सवाल खड़े कर दिए थे। प्रधानमंत्री मोदी पर उनकी टिप्पणियों के बाद उन्हें पार्टी के अन्य नेताओं के निशाने पर आना पड़ा।
पीएम मोदी की जमकर तारीफ
थरूर की प्रशंसा पीएम मोदी के उस नजरिए पर केंद्रित थी जिसमें उन्होंने भारत को एक उभरते बाजार से वैश्विक चुनौतियों के बीच लचीलापन दिखाते हुए एक उभरते मॉडल में बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने औपनिवेशिक गुलाम मानसिकता को खत्म करने और भाषा, संस्कृति और विरासत के माध्यम से राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने पर पीएम मोदी के नजरिए को स्वीकार किया। तीखी प्रतिक्रिया के बावजूद थरूर ने कांग्रेस छोड़ने की किसी भी योजना से इनकार किया है और अपनी टिप्पणियों को नाराजगी के बजाय मतभेद बताया है। हालांकि, प्रधानमंत्री की उनकी सार्वजनिक प्रशंसा ने पार्टी के आंतरिक मतभेदों को और गहरा कर दिया है और उनके दीर्घकालिक राजनीतिक गठबंधन को लेकर अटकलों को हवा दी है।
क्या शशि थरूर कांग्रेस से नाता तोड़ रहे हैं?
एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा था, शशि थरूर की समस्या यह है कि मुझे नहीं लगता कि उन्हें देश के बारे में ज्यादा जानकारी है। अगर आपके अनुसार, कोई कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ जाकर देश का भला कर रहा है, तो आपको उन्हीं नीतियों का पालन करना चाहिए। आप कांग्रेस में क्यों हैं? क्या सिर्फ इसलिए कि आप सांसद हैं? अगर आपको सचमुच लगता है कि भाजपा या प्रधानमंत्री मोदी की रणनीतियां आपकी पार्टी से बेहतर काम कर रही हैं, तो आपको स्पष्टीकरण देना चाहिए। अगर आप स्पष्टीकरण नहीं दे रहे हैं, तो आप पाखंडी हैं। थरूर की टिप्पणी की कई कांग्रेस नेताओं ने तीखी आलोचना की। पार्टी नेता संदीप दीक्षित ने सवाल उठाया कि अगर थरूर को भाजपा या प्रधानमंत्री की रणनीतियां बेहतर लगती हैं, तो वे कांग्रेस में क्यों बने हुए हैं।
