मध्य प्रदेश के सागर जिले में बण्डा में जहरीली शराब से मौतों के मामले में सागर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सागर गोल्ड नाम से नकली और अमानक शराब बनाकर बेचने वाले अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नकली शराब बनाने की फैक्ट्री से 4 डाई मशीन, बोतल के ढक्कन सील करने वाली मशीन, 11,050 खाली बोतलें, 250 प्लास्टिक कैप्सूल और पैकिंग का सामान जप्त किया है।
नकली शराब मामले में सागर पुलिस का बड़ा एक्शन
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में एएसपी बीना जयवीर सिंह भदौरिया और एएसपी सागर नरेन्द्र सोलंकी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सफलता प्राप्त की। पुलिस अब तक 52 लोगों को आरोपी बना चुकी है, जिसमें से 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
6 सितंबर को सामने आया था मामला
बता दें कि ये मामला 6 सितंबर को तब सामने आया था जब पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना बण्डा क्षेत्र के गांवों में शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई है। इस पर थाना बण्डा और थाना विनायका में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में गिरफ्तार आरोपी रवि लखेरा ने बताया कि उसने मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर और आशीष साहू के साथ मिलकर लाइसेंसी दुकान की आड़ में नकली शराब खपाने की योजना बनाई थी। वहीं चंदू राजा उर्फ चंद्रभान ने बताया कि उसने विनायका के लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और बरेठी दुकान के मनीष ठाकुर के साथ अघोषित पार्टनरशिप कर रखी थी।
ग्राम छापरी के शिवांजय राजपूत और उसके दोस्त रोहित पटैल ने मुरैना के दिनेश शिवहरे से संपर्क कर ततरवारा गांव में नकली शराब बनाने का आइडिया दिया। दिनेश अपने भाई छोटू उर्फ ललित, देवा जाटव, विक्रम, टिंकू, लल्ला जाटव, दीपक शर्मा और सागर जाटव के साथ बण्डा आया। ग्वालियर से ट्रांसपोर्ट के जरिए रैपर, खाली बोतल, ढक्कन, कार्टून और सील मशीन मंगाई गई, जिसे चंदू राजा के घर रखा गया। शराब बनाने वाला लिक्विड थिनर दिल्ली से ट्रांसपोर्ट के जरिए मंगाया गया था।
ततरवारा में चंदू राजा के घर पर नकली शराब तैयार कर उसे नौराज, गूगरा, छापरी, जगथर, बमूराभेड़ा, पाटन सहित आसपास के गांवों में कमीशनदारों के जरिए बेचा गया। इसी शराब को पीने से दिनेश शिवहरे की हालत बिगड़ी और बंसल अस्पताल से डिस्चार्ज कर मुरैना ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई, जबकि देवा जाटव की आंखों की रोशनी चली गई।
ग्वालियर से दिल्ली तक फैला था नेटवर्क
पुलिस टीम ने मुरैना और ग्वालियर में दबिश देकर दिनेश के भाई ललित उर्फ छोटू, विक्रम, लल्ला और टिंकू को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर राजू सेंगर को ग्वालियर के जेवरा का पुरा, बहोड़ापुर से पकड़ा गया, जहां से 11,050 खाली बोतलें और डाई मशीनें मिलीं। वहीं पंकज राय की फैक्ट्री पर दबिश देकर राय कॉलोनी बहोड़ापुर से 180 एमएल बोतल बनाने की दो डाई मशीनें जप्त की गईं। लिक्विड की सप्लाई की जांच में दिल्ली कनेक्शन सामने आया। दिल्ली में RN केमिकल फर्म के संचालक अनुपम गिरी पिता रामनारायण गिरी निवासी कराला को गिरफ्तार किया गया, जिसने 5 ड्रम इंडस्ट्रियल स्पिरिट थिनर सागर भेजा था।
पुलिस का कहना है कि गिरोह मोटे मुनाफे के लिए जो भी नशीला तरल पदार्थ आसानी से मिल जाता, उससे नकली शराब बनाता था और ऐसे गांवों का चयन करता था जहां बाहुबलियों का दबदबा हो ताकि कोई शिकायत न कर सके। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
