Indore Water Contamination Death: कैलाश विजयवर्गी ने जहरीले पानी से मौत मामले पर कहा है कि अधिकारियों से कहा गया है जितनी भी पानी की शिकायत आती हैं उनको जल्द से जल्द ठीक करें, अभी मैं भागीरथपुर से आ रहा हूं और लगातार मरीज आये हैं।कल से परसों तक 200 लोग भर्ती थे उनमें से 40-50 लोग डिस्चार्ज हो गए और और 40-50 लोग आज डिस्चार्ज हो जायेंगे।
कैलाश विजयवर्गी (फाइल फोटो:canva)
विजयवर्गी ने कहा कि 'डेंजर जोन में कोई नहीं है, हमारी प्राथमिकता है सभी को उचित इलाज मिले कुल मिलाकर ये बड़ा हादसा है हम सब लोग कैसे समस्या तक पहुंच सकते हैं और जड़ से समाप्त कर देंगे'
'60 प्रतिशत लाइन बदली जा चुकी है 40 प्रतिशत बदल जायेगी'
उन्होंने आगे कहा कि '60 प्रतिशत लाइन बदली जा चुकी है 40 प्रतिशत बदल जायेगी अभी सरकार का आंकड़ा 4 है, भगीरथपुर में आठ बता रहे हैं हम पता कर रहे हैं अगर उनकी मौत डायरिया से हुई होगी तो संख्या में शामिल किया जायेगा' वहीं वह कांग्रेस पर भी भड़के कहा- 'जब आपदा आती है सबको साथ में ही चलना चाहिए कांग्रेस को कहां राजनीती करनी है सोचना चाहिए'
1 जनवरी को भी मरीजों के अस्पताल आने का सिलसिला जारी
गुरुवार को भी मरीजों के अस्पताल आने का सिलसिला जारी है, भागीरथपुरा के आरोग्य केंद्र पर आज 100 से ज्यादा मरीज पहुंचे, जिसमें से 12 मरीजों को रेफर किया गया है और कई मरीजों को दवाई देकर वापस भेजा गया। आरोग्य केंद्र के डॉक्टर का कहना है कि जो मरीज आ रहे हैं उनका हम प्राथमिक उपचार कर रहे हैं और जिन लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है उनको हम रेफर कर रहे हैं।
बताते हैं कि मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के दूषित पानी पीने की वजह से कई बच्चे समेत आठ लोगों की मौत हो चुकी है। जान गंवाने वालों में छह महीने का एक मासूम भी शामिल है।
मराठी मोहल्ले के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा
मासूम की मौत पर मराठी मोहल्ले के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने नगर निगम पर लंबे समय तक लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, जब पीड़ित परिवार से मिलने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे तो लोगों का गुस्सा उनपर फूट पड़ा।पीड़ित परिवार से मिलने जब मोटरसाइकिल पर जा रहे थे तो कुछ महिलाओं ने रोककर शिकायत की। महिलाओं ने कहा कि पिछले कई दिनों से दूषित पानी की शिकायत की जा रही थी,लेकिन कोई अधिकारी सुनने को नहीं है।
भगीरथपुरा, कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में
समाचार एजेंसी एएनआई से बातीचीत करते हुए महिलाओं ने कहा कि डेढ़-दो साल से हम दूषित पानी को लेकर परेशान हैं, लेकिन कोई अधिकारी हमारी सुनवाई नहीं कर रहा। हम जब पार्षद से बात करते हैं तो वो कहते हैं कि मैं करवाता हूं, लेकिन कुछ काम नहीं होता।बच्चे की मां साधना साहू ने बताया कि घर की सप्लाई के पानी में दूध मिलाकर पिलाने के बाद बच्चे को गंभीर उल्टी और दस्त होने लगे। इसके बाद उसे पहले एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया। फिर बाद में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भगीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है।
