'तुर्किए का नहीं, हिमाचल का सेब खाएं भारत के लोग...' बोले कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह

कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि हिमाचल सांस्कृतिक टूरिज्म, आध्यात्मिक टूरिज्म और प्राकृतिक टूरिज्म का केंद्र हैं। अगर इसके साथ फ्लोरीकल्चर को जोड़ा जाए तो और भी टूरिज्म के आयाम बढ़ेंगे। आईएचबीटी कांगड़ा जिले को फ्लोरीकल्चर से जोड़ सकता है। फ्लोरीकल्चर में अपार संभावनाएं हैं।

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने पालमपुर में पंचरुखी के ब्याडा में बॉब आर्गेनिक्स खाद उत्पादन इकाई का उद्घाटन किया। मंत्री ने आईएचबीटी के छात्रों से भी वार्तालाप किया और इस प्लांट के बारे में जानकारी हासिल की इसके उपरांत वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने आंद्रेटा में मिट्टी के बर्तन बनाने वाले संस्थान का भी दौरा किया यहां पर मंत्री ने खुद मिट्टी का बर्तन भी बनाया और यहां के स्थानीय लोगों से इस काम को आगे बढ़ाने की अपील की है।

Turkish apple

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह

सीएसआईआर-हिमालयी जैवसंसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान (सीएसआईआर-आईएचबीटी) पालमपुर में स्थित है। मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि हमारा मंत्रालय राज्यों के साथ जुड़ा हुआ मंत्रालय है और जिस पॉटरी को मैं देखने आया हूं यह भी हैंडीक्राफ्ट का ही एक पार्ट है और पौराणिक कला है। गिरिराज सिंह ने कहा कि जब यहां मुंबई की छात्रा इस काम को सीखने आ सकती है तो यहां के स्थानीय लोग क्यों नहीं आ सकते। ये केवल कला नहीं है बल्कि यह रोजगार का बड़ा साधन है। हैंडीक्राफ्ट बहुत बड़ा सेक्टर है। आईएचबीटी ग्रामीण हिमाचल की आमदनी को बढ़ाने में अहम रोल निभा सकता है।

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