Indian Railways IRCTC: भारतीय रेलवे की एक ट्रेन को जिस स्टेशन पर पहुंचना था, वह उसे ही बायपास करते हुए बढ़ गई। ऐसे में मुसाफिरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मोटी रकम कैब (टैक्सी) पर खर्चनी पड़ी। दरअसल, यह पूरा मामला नौ दिसंबर, 2023 का है। बेंगलुरू की ओर जाने वाले लगभग 700 यात्री लोकमान्य तिलक कुर्ला एक्सप्रेसमें महाराष्ट्र के मुंबई से सवार हुए थे। मगर उन्हें नहीं पता था कि उन्हें इतने कड़वे अनुभव का सामना करना पड़ेगा। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाज़ा नहीं था कि उनकी ट्रेन एक अलग रूट लेकर कोयंबटूर जाने के लिए बेंगलुरु को बायपास कर देगी। ऐसे में कई वरिष्ठ नागरिकों को आंध्र प्रदेश के गुंतकल जंक्शन से बेंगलुरु तक कैब पर 8,000 रुपए तक खर्च करने पड़ गए।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
वैसे, बेंगलुरू रेलवे डिवीजन ने एक दिसंबर को ट्रेन को आंशिक रूप से रद्द करने की घोषणा की थी। गुंतकल डिवीजन ने भी एक एडवाइजरी जारी की थी। हालांकि, यात्रियों को भेजे गए टिकट कन्फर्मेशन से जुड़े मैसेजों ने एसबीसी बेंगलुरू सिटी तक उनकी यात्रा की पुष्टि की थी। ऐसे में भ्रम की स्थिति पनप गई।
वरिष्ठ नागरिक डीएच सुरेश ने इस बारे में एक अंग्रेजी अखबार को बताया, "मुझे यह संदेश आठ दिसंबर को शाम छह बजकर 43 मिनट पर मिला था, जिसमें कहा गया था कि ट्रेन नंबर 11013 आठ दिसंबर को आपके स्टेशन एसबीसी पर नहीं आएगी। मेरी ट्रेन को नौ दिसंबर को केएसआर बेंगलुरू पहुंचना था। ऐसे में मैंने मान लिया कि यह उस ट्रेन के लिए है जो पिछले दिन रवाना हुई थी, जो आठ दिसंबर को बेंगलुरू पहुंचेगी और इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। दुर्भाग्य से यह संदेश हमारी ट्रेन के लिए था और संदेश में तारीख गलत थी। यह बात हमें अगले रोज पता चली।"
रेलवे स्टेशनों पर घोषणा होती रही कि यह ट्रेन केएसआर से होकर जाएगी। ट्रेन सोमवार दोपहर 1.30 बजे गुंतकल पहुंची और टीटीई ने यात्रियों को उतरने का निर्देश दिया। सुरेश के मुताबिक, "वहां घबराहट और भ्रम की स्थिति थी। टीटीई ने हमें दिखाया कि उनके टैबलेट पर आरक्षण चार्ट के अनुसार, बेंगलुरू के टिकटों पर केवल गुंतकल के लिए एलटीटी दिखाया गया है।"
यात्रियों से कहा गया कि वे यात्रा के बाकी हिस्से के लिए रिफंड का दावा करें। गुंतकल में प्लेटफार्म नंबर चार पर एस्केलेटर काम न करने के कारण यात्रियों (विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं) के लिए स्टेशन से बाहर निकलना एक कठिन काम था। पीड़ित यात्री ने आगे बताया, "मेरे चार लोगों के परिवार ने एक बुजुर्ग जोड़े के साथ छह सीटों वाली कैब बुक की और हमने बेंगलुरु पहुंचने के लिए 13,500 रुपए का भुगतान किया। यह हम सभी के लिए एक भयानक अनुभव था।"
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कई लोगों ने वहां से बेंगलुरू पहुंचने के लिए 8,000 रुपए से 8,500 रुपए के बीच कैब का भुगतान किया। वकील बीएस प्रशांत और उनकी पत्नी थ्री-टियर एसी कोच में थे। उन्होंने भी अखबार से बातचीत के दौरान बताया, "हम वास्तव में हिल गए थे और विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि हमें बीच रास्ते में उतरना पड़ेगा। मैंने और मेरी पत्नी ने मुंबई में अपनी शादी की सालगिरह मनाई और बेंगलुरू लौट रहे थे। वापसी की यात्रा ने हमारी सारी खुशियां छीन लीं।"
रेलवे की ओर से सात दिसंबर को भेजे गए मैसेज में कहा गया कि एलटीटी से ट्रेन को गुंतकल, रेनिकुंटा, जोलारपेट्टई और सलेम के रास्ते डायवर्ट किया गया है। यह अनंतपुर से धर्मपुरी जंक्शन तक स्टेशन्स पर नहीं जाएगी। एसबीसी का विशेष रूप से उल्लेख न होने से यात्रियों को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। गुंतकल और बेंगलुरू के मंडल रेलवे प्रबंधकों ने इस बारे में सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। एसडब्ल्यूआर के महाप्रबंधक का भी कोई जवाब नहीं आया है।
