हिंद महासागर में ड्रैगन पर नकेल कसने की तैयारी, नेवी ने मांगा तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर और 3 परमाणु पनडुब्बियां

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 28, 2023, 11:09 AM IST

बेल्ट-रोड-इनिशिएटिव (BRI) की आड़ में बीजिंग समुद्र में अपनी मजबूत रणनीति बनाने के साथ बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर चुका है। इसे लेकर नौसेना सतर्क है।

Indian Navy: हिंद महासागर में चीन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। चीनी नौसेना मलक्का जलडमरूमध्य से अदन की खाड़ी तक हिंद महासागर में अपनी मौजूदगी बढ़ाती ही जा रही है। पीएलए की चुनौती से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने मोदी सरकार से एक और विमान वाहक, तीन परमाणु संचालित पनडुब्बियों और छह डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों का निर्माण करके अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कहा है। इनका निर्माण पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन के तहत और भारतीय शिपयार्ड में किया जाएगा।

INS Vikrant

आईएनएस विक्रांत

BRI की आड़ में चीन का खेल

बेल्ट-रोड-इनिशिएटिव (BRI) की आड़ में बीजिंग समुद्र में मजबूत रणनीति बनाने के साथ बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर भी खड़ा कर चुका है। चीन ने मलक्का जलडमरूमध्य के पास कंबोडिया के रीम में लॉजिस्टिक्स बेस, बंगाल की खाड़ी में कोको द्वीप पर लिसनिंग पोस्ट, श्रीलंका में हंबनटोटा बेस, बलूचिस्तान में ग्वादर, जस्क नौसैनिक बेस है। ईरान में और लाल सागर के मुहाने पर जिबूती में एक आधुनिक नौसैनिक सुविधा मौजूद है।

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