Angad Chandhok : जालसाजी के कई मामलों में कथित रूप से वांछित अंगद सिंह चांधोक को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाने में सफलता मिली है। चांधोक पर भारत में धोखाधड़ी करने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि चांधोक को भारत लाने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भूमिका अहम रही है। यह ऑपरेशन सीबीआई ने अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर पूरा किया।
अमेरिका से अंगद चांधोक का हुआ प्रत्यर्पण।
अमेरिकी अदालत ने चांधोक को दोषी ठहराया
अमेरिकी अदालत ने 2022 में चांधोक को दोषी ठहराया था। वह एक अंतरराष्ट्रीय टेक-सपोर्ट घोटाले का हिस्सा था, जिसमें अमेरिका के कई बुजुर्ग लोगों को उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी से धोखा दिया गया। अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि चांधोक ने अमेरिका में शरण लेने के बाद इस घोटाले में अहम भूमिका निभाई थी।
चांधोक ने कई फर्जी कंपनियां बनाईं
अमेरिका में चांधोक ने कई फर्जी कंपनियां बनाईं और उनके जरिए धोखाधड़ी का पैसा करोड़ों डॉलर की रकम में इधर-उधर किया। यह पैसा टेक-सपोर्ट घोटाले और एक ऑनलाइन ट्रैवल फीस स्कीम के जरिए आया था। चांधोक के अधीन कम से कम पांच लोग काम कर रहे थे और वह सीधे इस घोटाले के शीर्ष अंतरराष्ट्रीय सदस्यों के संपर्क में था। भारत में भी चांधोक के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं।
अमेरिका में लोगों के साथ धोखाधड़ी की
अमेरिका के अटॉर्नी ज़ैकरी ए. कुन्हा ने कहा कि 'भारतीय नागरिक, जिसने संयुक्त राज्य अमेरिका में शरण मांगी थी और फिर एक अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहायता योजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे कई अमेरिकियों, विशेष रूप से बुजुर्गों, को उनकी जीवन भर की बचत से धोखा दिया गया, उसे छह साल की संघीय जेल की सजा सुनाई गई है।'
