भारतीय कंपनियां विदेशों में न करें सैटेलाइट लॉन्चिंग..., इसरो चीफ बोले- 'हमारे लॉन्च सेंटर का करें उपयोग'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 25, 2023, 08:36 PM IST

ISRO Chief S Somanath: इसरो चीफ ने कहा, वर्तमान में पांच भारतीय कंपनियां उपग्रह विनिर्माण करने में सक्षम हैं, और उनमें से तीन ने अपने उपग्रहों का विनिर्माण और विदेशों से सफल प्रक्षेपण किया है। सोमनाथ ने कहा, हम नहीं चाहते कि उनके उपग्रह विदेशों से प्रक्षेपित किए जाएं।

ISRO Chief S Somanath: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र के विकास के लिए अनावश्यक नियंत्रण हटाए जाने की जरूरत है। उन्होंने अंतरिक्ष उद्योग में भारत की महत्वपूर्ण प्रगति का श्रेय इस क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोले जाने को भी दिया। भारत के प्रथम रॉकेट के प्रक्षेपण की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान सोमनाथ ने अंतरिक्ष क्षेत्र के विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित किया, जिसने भारत की उपग्रह निर्माण क्षमताओं को काफी बढ़ाया है।

ISRO chief S Somanath

इसरो चीफ एस सोमनाथ

इसरो प्रमुख ने कहा, पहले उपग्रहों, प्रक्षेपण यान और संबद्ध प्रौद्योगिकियों का विकास व उत्पादन केवल इसरो करता था। इसरो में केवल 17,000 लोग हैं और 13,000 करोड़ रुपये का बजट है। उन्होंने कहा कि भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र में अब 130 से अधिक स्टार्टअप हैं, जिनमें से कुछ कंपनियों में 400 से 500 कर्मचारी हैं और उनका कारोबार 500 से 1,000 करोड़ रुपये है।

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