पश्चिम एशिया संकट से गैस आपूर्ति पर बड़ा असर, भारत में यूरिया प्लांट का उत्पादन हुआ आधा

सूत्रों ने बताया कि देश की सबसे बड़ा एलएनजी प्राप्त करने वाला टर्मिनल चलाने वाली पेट्रोनेट एलएनजी लि. ने अपरिहार्य स्थिति की घोषणा की है। आपूर्तिकर्ताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य व्यवधान की वजह से कंपनी को अनुबंधित मात्रा में गैस की आपूर्ति करने में असमर्थता जताई है।

पश्चिम एशिया संकट के बीच अपरिहार्य स्थिति की घोषणा के चलते तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति बाधित होने की वजह से देश के यूरिया संयंत्र अपनी आधी क्षमता पर परिचालन कर रहे हैं। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि देश की सबसे बड़ा एलएनजी प्राप्त करने वाला टर्मिनल चलाने वाली पेट्रोनेट एलएनजी लि. ने अपरिहार्य स्थिति की घोषणा की है। आपूर्तिकर्ताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य व्यवधान की वजह से कंपनी को अनुबंधित मात्रा में गैस की आपूर्ति करने में असमर्थता जताई है।

Urea crisis

भारत में दिखने लगा यूरिया संकट

कंपनियों ने आपूर्ति में कटौती शुरू की

इस कदम से सरकारी गैस वितरक कंपनियों गेल (इंडिया) लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) ने आपूर्ति में कटौती शुरू कर दी है। ये कंपनियां रासगैस अनुबंध के तहत उर्वरक इकाइयों को गैस की आपूर्ति करती हैं। उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि गैस आपूर्ति सामान्य स्तर से घटाकर 60-65 प्रतिशत तक कर कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ इकाइयों के लिए प्रभावी आपूर्ति 50 प्रतिशत से नीचे आ गई है।

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