India Sends Relief To Venezuela: वैश्विक संकटों के समय हमेशा अग्रिम मोर्चे पर 'फर्स्ट रेस्पॉन्डर' की भूमिका निभाने वाले भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की मिसाल पेश की है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए सदी के सबसे विनाशकारी दोहरे भूकंप से मची भीषण तबाही के बाद, भारत सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए 'ऑपरेशन अमिस्टाड' (Operation Amistad) का बिगुल फूंक दिया है। स्पेनिश भाषा में 'अमिस्टाड' का अर्थ 'दोस्ती' होता है।
वेनेजुएला में मची तबाही को देख भारत ने शुरू किया 'ऑपरेशन अमिस्टाड', वायुसेना के C-17 विमानों से रवाना हुई मदद
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया मिशन का ऐलान
केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर इस रेस्क्यू ऑपरेशन की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि वेनेजुएला को आपातकालीन सहायता देने के लिए भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों को रवाना कर दिया गया है। जयशंकर ने लिखा, 'ऑपरेशन अमिस्टाड जारी है! वेनेजुएला में भूकंप के बाद चल रहे राहत प्रयासों में तत्काल सहायता देने के लिए भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमानों ने आज उड़ान भरी है। इस सहायता खेप में भारतीय सेना की एक फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से अधिक राहत सामग्री, जीवन रक्षक दवाएं व चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ा है।'
'60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल' और भीष्म क्यूब्स संभालेंगे कमान
भारतीय सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से रवाना हुई इस टुकड़ी में सेना के '60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल' के 9 डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों सहित 41 विशेषज्ञों की टीम शामिल है। यह टीम आपातकालीन ट्रॉमा केयर, सर्जरी और क्रिटिकल हेल्थकेयर सर्विसेज देने में अत्यधिक प्रशिक्षित है। यह टीम अपने साथ करीब 6 टन का मेडिकल स्टोर भी लेकर जा रही है।
इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत भारत में निर्मित अत्याधुनिक 'भीष्म क्यूब्स' (BHISHM Cubes - Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita & Maitri) हैं। यह 'आरोग्य मैत्री प्रोजेक्ट' के तहत विकसित दुनिया का सबसे छोटा और पोर्टेबल स्मार्ट फील्ड हॉस्पिटल है, जिसे बेहद कम समय में कहीं भी असेंबल किया जा सकता है। यह आपदा क्षेत्र में आपातकालीन ऑपरेशन की आधुनिक सुविधाएं देने में सक्षम है।
वेनेजुएला में 100 साल की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा
वेनेजुएला के इतिहास में पिछले 100 से अधिक वर्षों में ऐसा खौफनाक मंजर नहीं देखा गया, जब बुधवार को महज एक मिनट के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। राजधानी काराकास और ला गुएरा के इलाकों में दर्जनों बहुमंजिला इमारतें मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। सड़कों पर जलजले के वक्त मची भगदड़ और चीख-पुकार के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
वेनेजुएला के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है, जबकि 1,500 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं और दसियों हजार लोगों का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। हालात को देखते हुए वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (Delcy Rodríguez) ने देश में पूर्ण आपातकाल की घोषणा की है और बुनियादी ढांचे, अस्पतालों व घरों के पुनर्निर्माण के लिए शुरुआती तौर पर 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फंड का ऐलान किया है। भारत के अलावा अमेरिका, ब्राजील, चिली, मैक्सिको और अर्जेंटीना ने भी वेनेजुएला को मदद की पेशकश की है।
