Heatwave Horror Red Alert : इस वक्त देशभर में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। कई जगहों पर अधिकतम तापमान 45 डिग्री से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच और हीटवेव की चेतावनी जारी है। हालांकि, कहीं भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है तो कहीं तेज आंधी और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। उत्तर प्रदेश के कानपुर से लेकर महाराष्ट्र के विदर्भ और बिहार के भागलपुर तक मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। इस बीच मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले कई दिनों तक देशभर के अधिकांश राज्यों में लू का रेड अलर्ट घोषित है। आइये जानते हैं कहां कितनी गर्मी है?
भारत में कहां गर्मी का रेड अलर्ट (फोटो- gemini)
कानपुर में प्रचंड गर्मी
कानपुर में इन दिनों तेज गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। इंसानों के साथ-साथ जानवरों और पक्षियों पर भी इसका असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए कानपुर जू में जानवरों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। चिड़ियाघर प्रशासन जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर, शॉवर, बर्फ और ठंडे पानी जैसी व्यवस्थाएं कर रहा है।
हरियाणा-पंजाब गर्मी से बेहाल
चंडीगढ़ के आईएमडी वैज्ञानिक शिविंदर सिंह ने आईएएनएस से बताया कि अगले दो दिनों तक हमारे क्षेत्र में लू की स्थिति बनी रहेगी। इसमें पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ शामिल हैं। 28 तारीख के बाद पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के साथ नमी के प्रभाव के कारण, हमें बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस साल लू वाले दिनों की संख्या पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है।
राजस्थान में नौतपा से गर्मी प्रचंड
राजस्थान में भी नौतपा के दौरान भीषण लू का प्रकोप है। धौलपुर में सड़कें और बाजार सुनसान पड़े हैं, रात का तापमान भी बढ़ रहा है। एक शख्स ने कहा कि धौलपुर में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही है। 47-48 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच जा रहा है। गर्मी से लोगों की स्थिति काफी गंभीर है।
बिहार में गर्मी का प्रकोप
बिहार में भी गर्मी का प्रकोप है। भीषण गर्मी को देखते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन ने कक्षा एक से 8वीं तक के सभी स्कूलों को 31 मई तक बंद रखने का आदेश दिया है, जबकि छात्रों की सुरक्षा के लिए कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं केवल सुबह 11 बजे तक ही चलेंगी। पटना के मौसम विज्ञानी आशीष कुमार ने कहा कि आज भी पूरे राज्य में लू की चेतावनी जारी की गई है। विशेष रूप से कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर और अरवल जैसे जिलों में लू की स्थिति बनी हुई है।
यूपी में गर्मी से हाल-बेहाल
यूपी में भी गर्मी से लोग बेहाल हैं। प्रयागराज के प्रखन ने कहा, "जरा हालात तो देखिए, हम अपने चेहरे रुमाल से ढके हुए हैं, ओआरएस के पैकेट साथ रखते हैं और चलते-फिरते पानी पी रहे हैं। पेड़ों की कमी से और भी ज्यादा परेशानी हो रही है। अगर सड़क के किनारे और पेड़ होते, तो शायद लोगों को इस गर्मी में इतनी तकलीफ नहीं होती।
महाराष्ट्र में लू का बड़ा अलर्ट
उधर, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी हीटवेव का असर जारी है। पुणे स्थित क्लाइमेट रिसर्च सेंटर के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एसडी सनप ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से विदर्भ में गर्म हवाएं चल रही हैं। हालांकि, 28 तारीख के बाद वहां गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आ सकती है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में फिलहाल हीटवेव जैसी स्थिति नहीं है, क्योंकि कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री से नीचे बना हुआ है। एसडी सनप ने बताया कि शहरों में कंक्रीट की इमारतें, सीमेंटेड सड़कें, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाली गर्मी तापमान को बढ़ा देती है। यही वजह है कि शहरों में आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में तापमान दो से तीन डिग्री ज्यादा महसूस होता है।
मौसम विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि इस समय उत्तर भारत और उत्तर प्रदेश में नमी का फ्लो लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते कई जगहों पर बादल बन रहे हैं, तेज हवाएं चल रही हैं और गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है। हालांकि, तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट हो सकती है, लेकिन उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी।
डॉक्टर पांडे ने कहा कि यूवी इंडेक्स और हीट स्ट्रेस लगातार बढ़ा हुआ है, जो इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बहुत जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो पानी पीकर निकलें और अपने साथ पानी जरूर रखें। उन्होंने खासतौर पर किसानों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और धूप में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी, क्योंकि लगातार धूप में काम करने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 48 घंटों में केरल में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। हालांकि इस बार अल नीनो के असर की वजह से मानसून कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है और सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान पहले ही लगाया जा चुका है।
हीटवेव क्या है?
मौसम विभाग ने बताया कि तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला समेत देश के करीब 25 राज्यों में दिन और रात का तापमान तेजी से बढ़ सरहा है। अगले 10 दिन में 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सुहावना है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
रेड अलर्ट (Heatwave Red Alert)
मौसम विभाग रेड अलर्ट तब जारी करता है जब गर्मी बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है। आमतौर पर जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाता है या लगातार कई दिनों तक भीषण लू का सिलसिला जारी रहे, तब मौसम विभाग रेड अलर्ट जारी करता है। इस दौरान हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बहुत बढ़ जाता है।
ऑरेंज अलर्ट (Heatwave Orange Alert)
ऑरेंज अलर्ट के तहत गर्मी खतरनाक स्तर की बढ़ती है। यह अलर्ट तब जारी होता है जब तापमान सामान्य से काफी ज्यादा हो और लू चलने की संभावना बनी रहे। इस स्थिति में लंबे समय तक धूप में रहने से कमजोरी, चक्कर, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
येलो अलर्ट (Heatwave Yellow Alert)
येलो अलर्ट गर्मी को लेकर शुरुआती चेतावनी होती है। इसका मतलब है कि तापमान बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में लू या गर्म हवाओं का असर दिख सकता है। यह अलर्ट लोगों को पहले से सावधान रहने के लिए जारी किया जाता है ताकि वे अपनी दिनचर्या में जरूरी बदलाव कर सकें।
