India EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA)पर आज मुहर लगने की उम्मीद है। हालांकि, इस डील पर मुहर लगने से ठीक पहले अमेरिका ने ईयू से समझौता न करने की धमकी दी है।
भारत-यूरोप व्यापार समझौते से पहले अमेरिका ने EU को दी धमकी।(फोटो सोर्स: AP)
अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि यूरोप भारत के साथ “मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स” साइन कर अप्रत्यक्ष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध को फंड कर रहा है, जो अंततः उसके अपने हितों के खिलाफ है। मोटे तौर पर समझें तो अमेरिका का कहना है कि यूरोप खुद के खिलाफ जंग को फंड कर रहा है क्योंकि भारत रूस का समर्थन करता है।
रूस का समर्थन कर रहा भारत: अमेरिका
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदता है, उसे रिफाइन करता है और फिर यूरोपीय देश वही तेल उत्पाद खरीदते हैं। उनके अनुसार, इससे रूस-यूक्रेन युद्ध को पैसा मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस वजह से अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50% कर दिया गया।
दरअसल, अमेरिका की दलील है कि रूस से कच्चा तेल खरीदकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूसी सेना का साथ दे रहा है। हालांक,भारत का साफतौर पर कहना है कि वो सरकार देशहित में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।
भारत- योरोप के बीच व्यापार समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' की संज्ञा दी जा रही है। इस व्यापार समझौते के लिए भारत और ईयू के बीच 18 सालों ( 2007) से बातचीत चल रही थी। भारत ईयू के साथ ट्रेड सरप्लस वित्त वर्ष 31 तक 51 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एफटीए पर बातचीत करीब एक दशक पहले शुरू हुई थी, लेकिन दुनिया में बढ़ती व्यापारिक अनिश्चितता को देखते हुए दोनों देशों ने इसे तेजी से आगे बढ़ाया है।
