'होर्मुज से अपने जहाजों की निकासी के लिए भारत ने ईरान को नहीं किया भुगतान; सरकार ने कहा- चलाई जा रहीं फर्जी खबरें

सोशल मीडिया पर सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में ’सनमार हेराल्ड’ के कैप्टन को यह कहते सुना गया कि उन्हें पहले जलमार्ग पार करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में उन पर गोलीबारी शुरू कर दी गई। कुछ रिपोर्ट में इस घटना को कथित ’क्रिप्टो ठगी’ से जोड़ते हुए दावा किया गया था कि फर्जी लोग जहाज मालिकों से सुरक्षित मार्ग दिलाने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं।

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना की नाकेबंदी जारी है। इस बीच, भारत ने बुधवार को इस बात से साफ इनकार किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों को सुरक्षित पार कराने के लिए उसने ईरान को नकद या क्रिप्टोकरेंसी में कोई भुगतान किया है। यह स्पष्टीकरण उस घटना के बाद आया है, जिसमें 18 अप्रैल को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरानी बलों ने गोलीबारी की थी, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

होर्मुज स्ट्रेट

'भुगतान से जुडी फर्जी खबरें चलाई जा रहीं'

बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि 'सनमार हेराल्ड’ जहाज को सुरक्षित मार्ग देने के लिए ईरान को भुगतान किए जाने के बारे में चलाई जा रही खबरें ’फर्जी’ हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि ऐसी खबरें फैल रही हैं कि सनमार हेराल्ड जहाज के कप्तान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना इकाई से जुड़े लोगों को भुगतान किया, जो कि पूरी तरह गलत है। जहाज के मालिक से बात करने पर उन्होंने कोई भुगतान न किए जाने की पुष्टि की।

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