Sunil Kumar Pintu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर सुर्खियों में आ चुके जनता दल (यू) के सांसद सुनील कुमार पिंटू ने इस बार इंडिया गठबंधन को निशाने पर लिया है। पिंटू ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की भारी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए भाजपा का चुनावी नारा 'मोदी है तो मुमकिन है' दोहराते हुए पार्टी में ही विवाद खड़ा कर दिया था। अब पिंटू ने कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन की बैठकें सीट वितरण होने तक चाय-समोसे तक ही सीमित है।
सुनील कुमार पिंटू
इंडिया ब्लॉक की बैठकें चाय-समोसे तक ही सीमित
सांसद पिंटू ने कहा, सीटों का बंटवारा होने तक इंडिया ब्लॉक की बैठकें चाय-समोसे तक ही सीमित हैं। पीएम मोदी की प्रशंसा का जिक्र करते हुए पिंटू ने कहा कि हिंदी पट्टी के राज्यों के लोग मोदी पर विश्वास करते हैं और वह केवल तथ्य बता रहे थे। उन्होंने कहा, हमें लोगों की पसंद को समझना और उस पर विचार करना चाहिए और आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीतियों पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के साथ हैं और दिल से भाजपाई ही रहेंगे।
कहा, मुझे भाजपा ने ही जेडीयू में भेजा था
उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा द्वारा जद (यू) में भेजा गया था। उन्होंने कहा कि वह किसी भी समय अपने नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कहने पर इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ गठबंधन में आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने में सहज नहीं हैं। पांच राज्यों के चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद बिहार में उस समय विवाद खड़ा हो गया था जब पिंटू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की और भाजपा का चुनावी नारा बुलंद किया। सीतामढ़ी संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पिंटू ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की भारी जीत के बाद यह टिप्पणी की थी।
पिंटू ने कहा था, चुनाव नतीजों को देखने से पता चलता है कि 'मोदी है तो मुमकिन है'। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में यह नारा दिया था। उनकी टिप्पणी पर जद (यू) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने पिंटू से मांग की कि अगर वह पीएम मोदी से प्रभावित हैं तो उन्हें लोकसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
