दिल्ली में सोमवार, 11 अगस्त को विपक्ष के INDIA ब्लॉक द्वारा एक बड़ा विरोध मार्च आयोजित करने जा रहा है। सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में यह मार्च संसद भवन से निकलकर चुनाव आयोग (Election Commission) कार्यालय तक जाएगा। विपक्षी गठबंधन का यह मार्च उन कथित वोट चोरी को लेकर है, जिसका खुलासा कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने किया था।
वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग तक विपक्ष निकालेगा मार्च (फाइल फोटो- ANI)
ये भी पढ़ें- एक के बाद एक तीन राज्यों ने 'वोट चोरी' मामले पर भेजा राहुल गांधी को नोटिस, शपथ पत्र के साथ मांगे कागजात
करीब 300 विपक्षी सांसद होंगे शामिल
सूत्रों के अनुसार सुबह 11:30 बजे राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के करीब 300 सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग दफ्तर तक पैदल मार्च करेंगे। यह दूरी लगभग 1 किलोमीटर है। विपक्षी सांसदों ने तीनों चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए समय मांगा है। इस मार्च में लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी सांसद शामिल होंगे।
रात में खरगे का रात्रिभोज
सूत्रों ने बताया कि उसी दिन राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खरगे चाणक्यपुरी स्थित होटल ताज पैलेस में ‘इंडिया’ के घटक दलों के सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। कुछ दिन पहले ‘इंडिया’ गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर रात्रिभोज पर बैठक की थी और बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण, ‘भाजपा-निर्वाचन आयोग’ के ‘‘वोट चोरी के तरीके’’ के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प व्यक्त किया था।
राहुल का अभियान
राहुल गांधी के चुनाव में धांधली के दावों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस ने लोगों के लिए एक वेब पोर्टल शुरू किया है, जिसमें वे पंजीकरण करा सकते हैं और निर्वाचन आयोग से “वोट चोरी” के खिलाफ जवाबदेही की मांग कर सकते हैं, तथा डिजिटल मतदाता सूची की मांग के प्रति समर्थन व्यक्त कर सकते हैं। गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हिंदी में एक पोस्ट कर कहा, “वोट चोरी ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है। निर्वाचन आयोग से हमारी मांग साफ है - पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ‘ऑडिट’ कर सकें।’’ गांधी ने लोगों से संबंधित वेबलिंक पर पंजीकरण कराकर इस मांग का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘ये लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।’’
