Indus Water Treaty : सिंधु नदी जल समझौते को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में भी बड़ी बात कही है। भारत ने कहा है कि सिंधु नदी जल समझौता तब तक स्थगित रहेगा जब तक कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन छोड़ नहीं देता। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि 65 साल पहले अच्छी भावना के तहत भारत इस संधि के साथ आगे बढ़ा लेकिन पाकिस्तान ने इस संधि की भावना के खिलाफ काम करता आया है। उसने भारत के साथ तीन युद्ध लड़े और आतंकवाद की बढ़ावा दिया जिससे 20 हजार से ज्यादा भारतीयों की जान गई।
सिंधु नदी जल समझौता स्थगित रहेगा।
20,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की जान गई
उन्होंने कहा, 'भारत ने 65 वर्ष पहले सिंधु जल संधि में सद्भावना के साथ प्रवेश किया था। पाकिस्तान ने इस संधि की भावना का उल्लंघन तीन युद्धों और भारत पर हजारों आतंकी हमलों के जरिए किया है। इन हमलों में 20,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की जान गई है। सबसे हालिया उदाहरण पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला है। भारत ने हमेशा असाधारण धैर्य और उदारता का परिचय दिया है। पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमापार आतंकवाद न केवल नागरिकों के जीवन को बल्कि आर्थिक समृद्धि को भी बंधक बनाए हुए है।'
तुलबुल नौवहन परियोजना पर हमला किया
हरीश ने आगे कहा-'इन 65 वर्षों में, बांध अवसंरचना की प्रौद्योगिकी में व्यापक परिवर्तन आया है, जिससे संचालन की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित होती है। कई पुराने बांध अब सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान, संधि के अंतर्गत अनुमत इन बदलावों को लगातार अवरोधित करता रहा है। वर्ष 2012 में आतंकवादियों ने तुलबुल नौवहन परियोजना पर हमला किया था, जिससे हमारी परियोजनाओं और नागरिकों की सुरक्षा को लगातार खतरा बना हुआ है। पिछले दो वर्षों में भारत ने पाकिस्तान से संधि में संशोधन पर चर्चा के लिए कहा, लेकिन पाकिस्तान के अवरोधक दृष्टिकोण ने इस प्रक्रिया को रोके रखा है।'
बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला
इसी पृष्ठभूमि में भारत ने घोषणा की है कि जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमापार आतंकवाद का समर्थन समाप्त नहीं करता, संधि को निलंबित रखा जाएगा। यह स्पष्ट है कि संधि का उल्लंघन करने वाला पक्ष पाकिस्तान ही है। बता दें कि बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं, उनमें से एक सिंधु नदी जल समझौते को स्थगित करना भी है। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई।
