बीबीसी के दिल्ली और मुंबई दफ्तर में इनकम टैक्स विभाग का सर्वे खत्म हो चुका है। बता दें कि पिछले तीन दिनों तर सर्वे का काम किया गया। पहले इसे छापेमारी का नाम दिया गया। हालांकि इनकम टैक्स विभाग ने साफ किया कि कोई रेड नहीं बल्कि सर्वे है। बीबीसी ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा कि आई-टी अधिकारियों ने कार्यालयों को छोड़ दिया है और वे अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे।
बीबीसी के दिल्ली-मुंबई दफ्तर पर इनकम टैक्स ने किया था सर्वे
बीबीसी ने किया ट्विटर पोस्ट
पोस्ट में इस बात का भी जिक्र है, इसने आगे कहा कि इसके कुछ कर्मचारियों को 'लंबी पूछताछ का सामना करना पड़ा' और उन्हें 'रात भर रुकना' पड़ा। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान बीबीसी के वरिष्ठ कर्मचारियों के मोबाइल फोन का क्लोन बनाया गया है और कई डेस्कटॉप और लैपटॉप को स्कैन किया गया है। लैपटॉप और फोन बाद में अधिकारियों को वापस कर दिए गए।बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की निदेशक लिलियन लैंडर ने पहले अपने सभी कर्मचारियों को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूर रहने के लिए कहा था।बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की निदेशक लिलियन लैंडर ने पहले अपने सभी कर्मचारियों को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूर रहने के लिए कहा था।
Update on India: t.co/rghvE6OpfQ
— ANI (@ANI) Feb 16, 2023
पांच बड़ी बातें
- मंगलवार को सर्वे का काम हुआ शुरू
- तीन दिन दिल्ली- मुंबई के दफ्तर में सर्वे
- रेड या सर्वे पर उठा विवाद, इनकम टैक्स ने साफ किया रेड नहीं बल्कि सर्वे
- विपक्षी दलों ने भी नरेंद्र मोदी सरकार पर उठाए थे सवालट
- 2002 गुजरात दंगे मामले में बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के बाद सर्वे
आयकर विभाग की तरफ से अभी बयान नहीं
बीबीसी द्वारा 2002 के गुजरात दंगों पर एक वृत्तचित्र प्रसारित करने के बाद सर्वेक्षण अभियान आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की आलोचना की गई थी। आईटी अधिकारियों के अनुसार बीबीसी को पहले नोटिस दिया गया था। हालांकि कोई ठोस प्रतिक्रिया' देने में नाकाम रहने के बाद सर्वे का काम शुरू किया गया। आयकर विभाग ने अभी तक सर्वेक्षण पर अपना बयान जारी नहीं किया है।
