पाकिस्तान अपना सबसे बड़ा दुश्मन भारत को मानता है। और नरेंद्र मोदी की बात आती है तो पाकिस्तान का धुआं निकल जाता है। लेकिन आज पाकिस्तान जिस स्थिति में है, उसे अब नरेंद्र मोदी अच्छे लगने लगे हैं। पाकिस्तान में अब दबी-छुपी बातें ही सही, लेकिन लोग कहने लगे हैं कि पाकिस्तान को अगर संकट से निकलना है तो पुरानी घिसी-पिटी बातें करना बंद करके भारत और नरेंद्र मोदी की तरफ देखना चाहिए। पाकिस्तान में एक जाने माने एक्सपर्ट हैं शाहिद चौधरी, जो पॉलिटिक्स, सिक्योरिटी और डिफेंस के मामलों में लिखते-बोलते रहते हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते पाकिस्तान के बड़े अख़बार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में लिखा है कि 'पाकिस्तान में नरेंद्र मोदी के नाम से लोग नफरत करते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी ने भारत को ब्रैंड बनाने के लिए कुछ ऐसा किया जो उनसे पहले कोई नहीं कर पाया। सबसे अहम बात ये है कि भारत जो चाहता है, वो करता है और उस हद तक जाता है, जहां तक उसकी जरूरत है।'
तेल के लिए भारत ने अमेरिका की परवाह नहीं की
जैसे भारत को रूस के सस्ते तेल की जरूरत थी। और रूस को भारत की जरूरत थी। तो भारत ने अमेरिका की परवाह नहीं की। इसी पर पाकिस्तान के एक्सपर्ट शाहिद चौधरी ने अपने लेख में लिखा कि रूस पर अमेरिका के प्रतिबंध हैं। और रूस से कोई भी व्यापार नहीं कर सकता। लेकिन भारत की बात अलग है। भारत अपनी शर्तों पर रूस से तेल खरीद रहा है और इसे री-एक्सपोर्ट करते डॉलर भी कमा रहा है। अमेरिका और रूस दोनों एक दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन दोनों मिलिट्री सुपरपावर भारत को अपना सहयोगी मानते हैं। अगर ये कूटनीतिक तख्तापलट नहीं है, तो फिर क्या है?
भारत की ताकत समझते हैं पाक एक्सपर्ट
अगर रूस और अमेरिका दोनों भारत के साथ खड़े हैं तो इसकी वजह है कि आज की दुनिया में भारत का सबसे महत्वपूर्ण होना। पाकिस्तान के एक्सपर्ट भी भारत की ताकत समझते हैं। शाहिद चौधरी ने अपने लेख में कहा कि आज दुनिया के लिए भारत बहुत जरूरी है। भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यूके को पीछे छोड़ दिया है। 2037 तक भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। दुनिया में चौथा बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार भारत का है। भारत के पास 600 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। पाकिस्तान के पास सिर्फ 4.5 अरब डॉलर हैं।
1992 में भारत के पास 9.2 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था
भारत के सामने पाकिस्तान की अब कोई हैसियत ही नहीं है। और ये बात अब खुद पाकिस्तान के एक्सपर्ट खुलकर मानने लगे हैं। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने लगे हैं। पाकिस्तान के एक्सपर्ट ने लिखा कि 1992 में भारत के पास 9.2 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था। जो 2004 में 100 अरब डॉलर हुआ। मनमोहन सिंह के राज में ये 252 अरब डॉलर हुआ। और नरेंद्र मोदी ने इसे 600 अरब डॉलर पर पहुंचा दिया और जीडीपी का आकार 3 ट्रिलियन डॉलर कर दिया। सऊदी अरब, जिसे पाकिस्तान अपना भाई कहता है, वो भारत में 72 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। और पाकिस्तान सऊदी अरब से भीख मांग रहा है कि वो उसके यहां 7 अरब डॉलर का निवेश कर दे।
भारत को लेकर नीति बदले पाक-एक्सपर्ट
पाकिस्तान के एक्सपर्ट अब पाकिस्तान से भारत को लेकर नीति बदलने की सलाह दे रहे हैं। जिससे पाकिस्तान कंगाली और बर्बादी से बाहर निकल सके। शाहिद चौधरी ने अपने लेख में इस बात का जिक्र किया है कि कोई माने ना माने, अनुच्छेद 370 हटाकर भारत ने पाकिस्तान को किनारे लगा दिया। पाकिस्तान का जो स्टैंड है, वो रहना चाहिए लेकिन नई सच्चाई भी देखना चाहिए। हमारे पड़ोस में जो आर्थिक गतिविधियां हो रही हैं, उससे फायदा लेने वाली नीतियां बनानी चाहिए। पाकिस्तान तभी बेहतर होगा जब वो आर्थिक रूप से ठीक होगा। इसलिए भारत के खिलाफ वही पुरानी बातें छोड़नी होगी।
नहीं तो पाकिस्तान हिस्ट्री के फुटनोट पर चला जाएगा
पाकिस्तान के एक्सपर्ट ये चेतावनी भी देने लगे हैं कि अगर पाकिस्तान ने अब भी खुद को सुधारा नहीं तो वो इतिहास के पन्नों में फुटनोट पर चला जाएगा। जबकि भारत अब दुनिया को लीड कर रहा है। शाहिद चौधरी ने लिखा कि दुनिया में भारत ने जो पहचान बना ली है, वो शानदार है। भारत को जी-7 में बुलाया गया, जी-20 देशों का वो सदस्य है। मोदी ने भारत को उस जगह पर पहुंचा दिया जहां से भारत दुनिया में बड़ा प्रभाव डालने की शुरुआत कर चुका है। टाइम आ गया है कि पाकिस्तान भारत को लेकर अपनी नीति बदले, नहीं तो पाकिस्तान हिस्ट्री के फुटनोट पर चला जाएगा।
