भारत में 10 लाख आबादी पर लगभग 22 न्यायाधीश, जबकि होने चाहिए 50

न्यायाधीशों की संख्या को लेकर सरकार ने जो आंकड़े दिए हैं, वो चिंताजनक हैं। भारत में 10 लाख लोगों पर 22 न्यायाधीश हैं, जबकि 1987 में विधि आयोग ने जो रिपोर्ट दी थी, उसमें कहा गया था कि 10 लाख की जनसंख्या पर कम से कम 50 न्यायाधीश होने चाहिए।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि भारत में प्रति 10 लाख आबादी पर लगभग 22 न्यायाधीश कार्यरत हैं, जो न्यायिक जरूरतों के लिहाज से अब भी काफी कम हैं। पीटीआई के अनुसार वहीं विधि आयोग ने अपनी 120वीं रिपोर्ट (1987) में सुझाव दिया था कि प्रभावी और समयबद्ध न्याय के लिए प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कम से कम 50 न्यायाधीश होने चाहिए। लेकिन करीब चार दशक बाद भी यह लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है। यह जानकारी एक बार फिर देश में न्यायाधीशों की कमी और अदालतों में मामलों के बढ़ते बोझ की ओर ध्यान खींचती है।

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भारत में प्रति 10 लाख लोगों पर 22 न्यायाधीश: कानून मंत्री (फोटो- PTI)

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