Chandrayaan-3: बस 4 सेकंड देर न होती तो खत्म हो जाता चंद्रयान-3? ISRO ने इसे कैसे बचाया

Chandrayaan-3: पिछले साल 14 जुलाई को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से मून मिशन के तहत चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण किया गया था। ISRO ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है कि अंतरिक्ष में मलबे और उपग्रहों से टक्कर होने की आशंका और उससे बचाव के लिए ही चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग 4 सेकंड की देरी से की गई थी।

KEY HIGHLIGHTS
  1. चंद्रयान-3 को 14 जुलाई, 2023 को लॉन्च के लिए निर्धारित किया गया था
  2. ISRO ने चंद्रयान-3 और अंतरिक्ष मलबे के बीच संभावित टकराव को टाल दिया
  3. इसरो की मिशन नियंत्रण टीम ने प्रक्षेपण में महज 4 सेकंड की देरी करने का फैसला किया

Chandrayaan-3: यह सटीक और सक्रिय अंतरिक्ष प्रबंधन का ही नतीजा था कि इसरो ने चंद्रयान-3 और अंतरिक्ष मलबे के बीच संभावित टकराव को टाल दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने खुलासा किया है कि कैसे उन्होंने जुलाई 2023 में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरने से पहले ही मिशन को बचा लिया था।

CHANDRAN 3

Chandrayaan-3 मिशन को ISRO ने कैसे बचाया, जानें

यह सटीक और सक्रिय अंतरिक्ष प्रबंधन का ही नतीजा था कि इसरो ने चंद्रयान-3 और अंतरिक्ष मलबे के बीच संभावित टकराव को टाल दिया।

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