Humayun Kabir News: पश्चिम बंगाल की दो बेहद हाई-प्रोफाइल सीटों—नंदीग्राम और रेजीनगर पर आज विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। खास तौर पर रेजीनगर में माहौल सियासी रूप में गर्म है। यहां पुलिस ने आम जनता उन्नयन पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर को उनके ऑफिस से हिरासत में लिया है। इससे पहले कबीर ने पुलिस और सीएम सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली थी।
हुमायूं कबीर का सीएम सुवेंदु पर जुबानी हमला
एक तरफ जहां पूरे देश की नजरें ऐतिहासिक और संवेदनशील नंदीग्राम सीट पर टिकी हैं, वहीं दूसरी ओर मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे इस उपचुनाव में कई प्रमुख राजनीतिक दलों की साख दांव पर लगी है। इसी के साथ जुबानी जंग भी तेज हो गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने बीजेपी सरकार और सीएम सुवेंदु अधिकारी को लेकर आक्रामक बयानबाजी की है।
'सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पुलिस मेरे पीछे छोड़ रखी'
विधायक हुमायूं कबीर ने कहा, सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पुलिस मेरे पीछे छोड़ रखी है। 2026 के चुनाव में मुझे 58800 वोट मिले थे, उतनी ही थप्पड़ सुवेंदु को लगी थी। आज मैं मैदान नहीं छोड़ूंगा, आज लड़ाई होकर रहेगी। अगर पुलिस मुझ हमला करती है तो क्या मैं रसगुल्ला फेकूंगा? मैं भी हमला करूंगा। रात भर हमारे बूथ एजेंट्स को थ्रेट किया गया हैं। मैं इसका उचित जवाब दूंगा। उसको सीख मिलेगी।
आज रेजीनगर में वोट डालने के बाद विधायक हुमायूं कबीर ने कहा, आरोप तो अभी शुरू ही हुए हैं... कई मतदान केंद्रों पर पुलिस खुद मतदान प्रक्रिया को हाईजैक कर रही है। भारत के गणतंत्र में और संविधान के तहत, पुलिस का काम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है; यही उनका कर्तव्य है। फिर भी, वे ही मतदान को हाईजैक कर रहे हैं। वोटों को हाईजैक करने की क्या जरूरत है? सरकार पहले से ही स्थापित है... 23 अप्रैल को हुए चुनाव शांतिपूर्ण थे; किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोप नहीं लगे... लेकिन पिछले दो महीनों से पुलिस अत्याचार कर रही है और हमले कर रही है। उन्होंने 64 लोगों को हिरासत में लिया है, फिर भी वे संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें पीछे हटना चाहिए..."
हुमायूं कबीर ने जीती थी रेजीनगर और नौदा सीट
हुमायूं कबीर ने 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नौदा, दोनों सीटें जीती थीं, लेकिन उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखी, जिससे रेजीनगर की सीट खाली हो गई। उनकी पार्टी 'आम जनता उन्नयन पार्टी' ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है। कबीर ने रेजीनगर सीट लगभग 59,000 वोटों से जीती थी। इस मुकाबले में बीजेपी उम्मीदवार सखराव सरकार, ममता की अगुवाई वाली ममता AITC के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (रितब्रता बनर्जी का खेमा) उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और सीपीआई(एम) के सैयद असद अली शामिल हैं। रेजीनगर में 34 केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती के बीच आज उपचुनाव हो रहे हैं।
नंदीग्राम का अहम मुकाबला
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट फिर से जीती, लेकिन भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम सीट छोड़ी थी। बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। विधानसभा चुनाव के ठीक बाद, चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ममता AITC गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद, बिना उम्मीदवार के रह गईं ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया और इस कदम को INDIA गठबंधन को मजबूत करने की कोशिश बताया। मिलन प्रधान के गिरफ्तारी के बाद, कोर्ट ने उन्हें चुनाव तक अंतरिम जमानत भी दी है। नंदीग्राम में 37 केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात हैं।
