Arvind Kejriwal Arrested: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने आज पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आप (AAP) ने केजरीवाल को गिरफ्तारी से छूट देने से इनकार के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। आप के शीर्ष नेता अगले कदम की योजना बनाने में व्यस्त हैं। हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पार्टी पहले ही सुप्रीम कोर्ट जा चुकी है।
अरविंद केजरीवाल हुए गिरफ्तार
पहले हेमंत सोरेन, अब केजरीवाल
दिल्ली का घटनाक्रम पिछले महीने झारखंड में इसी तरह की स्थिति के ठीक बाद सामने आया है, जब झामुमो नेता और झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उनके उत्तराधिकारी की तलाश तेज हो गई। उनकी जगह सरायकेला विधायक चंपई सोरेन को चुना गया। ऐसे में अब कयास लग रहे हैं कि अगर केजरीवाल इस्तीफा देते हैं तो उनकी जगह कौन दिल्ली की कमान संभाल सकता है।
आप ने कहा, केजरीवाल नहीं देंगे इस्तीफा
हालांकि, दिल्ली सरकार में नंबर 2 के रूप में देखी जाने वाली आतिशी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने भी कहा है कि केजरीवाल गिरफ्तार भी हुए तो इस्तीफा नहीं देंगे। लेकिन सच्चाई ये भी है कि अगर आप नेता को अदालत से राहत नहीं मिलती है और उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। ऐसे में पार्टी को केजरीवाल की जगह किसी और नेता को सीएम बनाना ही होगा। ऐसी स्थिति में जानिए किन दो नेताओं पर दांव लग सकता है।
आतिशी
आतिशी आम आदमी पार्टी की नेता हैं, जिनके पास वित्त, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, सेवाएं, बिजली और शिक्षा सहित 14 से अधिक विभाग हैं। वह पार्टी की स्थापना के समय ही इसमें शामिल हुई थीं। 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की घोषणापत्र मसौदा समिति की एक प्रमुख सदस्य रहीं और उन्होंने गठन के शुरुआती चरणों में पार्टी की नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह सरकार के पक्षों को मंजबूती से लोगों के सामने रखती हैं।
सौरभ भारद्वाज
भारद्वाज आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं और उनके पास स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण और कला एवं संस्कृति विभाग हैं। वह दिल्ली विधानसभा में ग्रेटर कैलाश निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारद्वाज तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने आप के इस दावे को सही ठहराया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हैक किया जा सकता है। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम किया है। पेशे से इंजीनियर, भारद्वाज दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के करीबी सहयोगी हैं, जिन्होंने वर्षों से उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
